म्यांमार के पुलिस अफसर मेरठ में सीखेंगे दंगों को कैसे करें नियंत्रण, एक सप्ताह लेंगे ये खास ट्रेनिंग
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रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सीआरपीएफ की विंग है। 7 अक्तूबर 1992 को आरएएफ की स्थापना हुई थी। 1992 में पूरे देश में आरएएफ की 10 वाहिनी दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल, अलीगढ़, मेरठ, हैदराबाद, जमशेदपुर, कोयंबटूर और इलाहाबाद में स्थापित की गईं। इस समय पूरे देश में आरएएफ की 15 वाहिनी हैं।
आरएएफ वाहिनी में आरएएफ एकेडमी ऑफ पब्लिक एकेडमी (रैपो) स्थापित है। पहली बार विदेश के अधिकारियों का टूर रैपो में सीखने के लिए आएगा। इसमें वहां से चुने गए अधिकारी भेजे गए हैं। जिसमें सिखाया जाएगा कि दोनों देशों में भीड़ कैसे हिंसक होती है। कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है। पुलिस और फोर्स सूचना मिलने पर कैसे शांति मिशन पर निकलती है। दंगों को कैसे कंट्रोल किया जाता है।
अर्धसैनिक बल का स्पेशल कमांडो किसी भी स्थिति में निपटने को 24 घंटे तैयार रहता है। कानून व्यवस्था में क्या चैलेंज हैं। पुलिस का व्यवहार कैसा होना चाहिए। यूनाइटेड नेशन कार्ड ऑफ कंडेक्ट के बारे में भी चर्चा होगी। भीड़ का प्रेशर भांपना, आईपीसी के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। सुभारती के प्रोफेसर लेक्चर देंगे। अग्निशमन विभाग के अधिकारी आग बुझाने की ट्रेनिंग देंगे। अंतरराष्ट्रीय केस स्टडी के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।
हाशिमपुरा कांड समेत देश की चर्चित घटनाएं
विदेशी मेहमानों को क्रांतिधरा पर दंगों का इतिहास भी पढ़ाया जाएगा। जिसमें 1987 में मेरठ में हाशिमपुरा और मलियाना कांड भी शामिल हैं। वहीं, साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगा, जिसमें 62 लोगों की जान गई और 40 हजार से अधिक लोग बेघर हुए। आरएएफ ने कैसे वहां स्थिति संभाली।
साल 2016 की हरियाणा में हुआ जाट आंदोलन भी शामिल है। राजस्स्थान का गुर्जर आंदोलन पर भी सब्जेक्ट तैयार किया गया है। हरियाणा के आश्रम में संत रामपाल की गिरफ्तारी पर हुए बवाल को भी विषय में शामिल किया गया है। वहीं दो अप्रैल 2018 को मेरठ में हुई हिंसा की घटना पर आरएएफ के अधिकारी लेक्चर देंगे।
विदेशी महमानों को प्रशिक्षण के दौरान सीआरपीएफ के डीजी राजीव भटनागर, एडीजी हेडक्वार्टर संजय अरोड़ा, आईजी आरएएफ अरुण कुमार, डीआईजी आरएएफ, 108 वी वाहिनी के कमांडेंट शैलेंद्र कुमार भी रहेंगे। डिप्टी कमांडेंट शिल्पा कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया, गौरव कुमार, कौशल चौधरी और अन्य अधिकारी भी अलग विषयों पर ट्रेनिंग देंगे।
अत्याधुनिक हथियारों के बारे में भी दी जाएगी ट्रेनिंग
आपात स्थिति में आग से बचाव की थ्योरी, फायरिंग, दंगा नियंत्रण वाहन, फायर टैंकर, वज्र वाहन, अर्धसैनिक बलों के अत्याधुनिक हथियार जिनमें मल्टीबैरल के बारे में भी ट्रेनिंग दी जाएगी। रविवार को शहीद स्मारक, हस्तिनापुर, और अन्य धरोहरों को लेकर भ्रमण रहेगा।