मुजफ्फरनगर : आठ माह में जिले में छठी दलित हत्या, खाकी के लिए बनी चुनौती
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में लापता दलित युवक की हत्या जिले में पिछले आठ माह में दलित हत्याकांड की छठी वारदात है। इससे पहले दिसंबर 2017 में जहां मंसूरपुर के बुआड़ा फाटक के पास प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की गई थी, वहीं गांव लुहारी में युवती के साथ गैंगरेप कर उसके साथ ही छह साल के भांजे की भी हत्या कर दी गई थी। जुलाई में पुरकाजी में युवक की और महज दस दिन पूर्व गांव बुड़ीना खुर्द में दलित युवती की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। खाकी के लिए राहत की बात यही है कि कपिल से पूर्व हुई सभी हत्याओं के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
चरथावल के गांव लुहारी खुर्द गत वर्ष 20 दिसंबर को लुहारी निवासी प्राची पुत्री मोहरपाल अपने छह साल के भांजे नवदीप के साथ खेतों पर गई थी। इसके बाद वह लापता हो गई थी। बाद में खेतों में प्राची के साथ ही उसके भांजे की भी लाश बरामद हुईं थीं, जिनकी बेहद निर्ममता से हत्या की गई थी। प्राची की पीएम रिपोर्ट में उसके साथ हत्या से पूर्व सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की भी पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बाद में मुठभेड़ में दूसरे समुदाय के तीन युवकों को प्राची के साथ गैंगरेप व दोहरे हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इसके पहले एक दिसंबर 2017 को मंसूरपुर के बुआड़ा फाटक के पास गांव संधावली निवासी प्रॉपटी डीलर विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वर्ष जुलाई 2018 में पुरकाजी में लेनदेन के विवाद में शिवकुमार की हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा था। 30 अगस्त को ही तितावी के गांव बुड़ीना खुर्द निवासी सीमा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सीमा की हत्या उसके प्रेमी शाहनवाज उर्फ सोनी द्वारा दो युवकों से कराए जाने की बात सामने आई थी, जिसमें पुलिस मुख्य आरोपी को जेल भेज चुकी है, जबकि दो अभी फरार हैं।
ग्रामीण की हत्या की आशंका जताई
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