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मुजफ्फरनगर : भाई की हत्या में अभियुक्त को आजीवन कारावास, इस बात पर वारदात को दिया था अंजाम
Tue, 22 Feb 2022 11:54 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 22 Feb 2022 11:54 AM IST
सार
जानलेवा हमले का मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 26 अगस्त, 2014 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से प्रकरण सेशन कोर्ट में भेजा गया।
सोमवार को जिला जज चवन प्रकाश ने अभियुक्त को सजा सुनाई।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भिक्की गांव में आठ साल पहले पारिवारिक विवाद के चलते सगे भाई की हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जिला जज चवन प्रकाश ने प्रकरण में सुनवाई की।
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डीजीसी फौजदारी राजीव शर्मा ने बताया कि भिक्की गांव में सगे भाई रणवीर और गौतम के बीच विवाद चल रहा था। 19 जून, 2014 की रात गैलरी में दरवाजा लगाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। जिसमें गौतम ने रणवीर पर छुरी से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। परिजन इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए।
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वादी पवन कुमार ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया। दो दिन बाद उपचार के दौरान रणवीर की मौत हो गई। जानलेवा हमले का मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 26 अगस्त, 2014 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से प्रकरण सेशन कोर्ट में भेजा गया।
सोमवार को जिला जज चवन प्रकाश ने अभियुक्त को सजा सुनाई। धारा 302 में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आर्मस एक्ट में एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।