सबके हैं राम : मुस्लिम बेटियों ने Shri Ram के चित्र में भरे रंग, छात्राओं ने हाथों पर रचवाई श्रीराम की मेहंदी
Ram Mandir Ayodhya : सीसीएसयू में ललित कला विभाग द्वारा आयोजित ‘श्रीराम उत्सव’ में कुछ मुस्लिम बेटियों ने श्रीराम का महमोहक चित्र केनवास पर उकेरकर उसमें गंगा जमुनी संस्कृति के रंग भर दिए।
विस्तार
है राम के वजूद पर हिंदुस्तां को नाज,
अहले नजर समझते हैं इनको इमामे हिंद।
करीब सौ साल पहले शायर अल्लामा इकबाल की जानिब से गढ़ा गया ये शेर वर्तमान में साकार होता नजर आ रहा है। देश-दुनिया में श्रीराम की जय-जयकार को देखकर लगता है कि जन-जन के राम हर धर्म और संप्रदाय अर्थात सबके राम हैं। यह सुखद नजारा मेरठ में भी हर दिन देखने को मिल रहा है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को चौधरी चरण सिंह विवि में ललित कला विभाग द्वारा आयोजित ‘श्रीराम उत्सव’ में कुछ मुस्लिम बेटियों ने श्रीराम का महमोहक चित्र केनवास पर उकेरकर उसमें गंगा जमुनी संस्कृति के रंग भर दिए।
बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर के श्रीराम कालेज में आयोजित मेंहदी प्रतियोगिता में मुस्लिम छात्राओं ने अपनी हथेली पर श्रीराम की आकृति उकेरकर सांप्रदायकि सौहार्द का परिचय दिया। इसके अलावा अयोध्या में होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हर धर्म के लोगों का अनुराम देखते ही बनता है।
इसी सिलसिले में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में श्रीराम उत्सव के तहत चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने महमोहक चित्र बनाकर खूब वाहवाही लूटी। इस आयोजन में तीन मुस्लिम छात्राओं कहकशां, रोजी और महजबीं ने विशेष ध्यान आकृष्ट कराया। इन्होंने केनवास पर श्रीराम का बोलता चित्र उकेरकर उसमें भारतीय परंपरा को जीवंत कर दिया। चित्रों के लालित्य को देखकर सभी आगुंतकों के मुख से निकला ‘धन्य हो बेटियों’। कमाल कर दिया।
आयोजन को सफल बनाने के लिए समन्वयक प्रो. अलका तिवारी ने विद्यार्थी फनकारों को बधाई दी। मुख्य अतिथि विवि की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला व अति विशिष्ट अतिथि कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा ललित कला विभाग 27 दिसंबर से निरंतर श्रीराम एवं रामायण के अन्य पात्रोंं के जीवंत चित्र पत्थर, कैनवस, कपड़े, कागज आदि पर उकेर रहे हैं।
डायरेक्टर एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कलाकार रामायण की चौपाइयों पर भी चित्रकारी करें। अति विशिष्ट अतिथि कोऑर्डिनेटर आइक्यूएसी प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता ने कहा कि ललित कला विभाग सदैव विवि में चार चांद लगाता है। डीएसडब्ल्यू प्रो. भूपेंद्र राणा ने कलाकारों को शुभकामनाएं दी।
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प्रो. अलका तिवारी ने बताया कि अन्य धर्म से संबंध रखने वाली बेटियां भी श्रीराम के विभिन्न रूपों को बहुत सुंदरता से चित्रित कर रही हैं। उन्होंने रोजी, कहकशां और महजबीं को प्रोत्साहित किया। इस दौरान प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. जेए सिद्दीकी, प्रो. संजय कुमार, प्रो. अल्पना, डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. प्रशांत, डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, डॉ. शालिनी धामा, आरुषि, सलोनी त्यागी, आकाश, अभियंता मनीष मिश्रा, प्रेस प्रवक्ता डा.मितेंद्र, प्रवीण पवार आदि मौजूद रहे।
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