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Meerut News: कातिल करीबी...वजह अवैध संबंध, लूट, प्रॉपर्टी या पारिवारिक विवाद

Fri, 10 Jan 2025 02:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2025 02:53 AM IST
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Murderer is a close relative...due to illicit relationship, robbery, property or family dispute.
मेरठ। लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच परिजनों की नृशंस हत्या की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। एडीजी जोन, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर हत्या के कारण जाने के लिए क्राइम सीन कर कई बिंदुओं पर गहनता से मंथन किया। पुलिस हत्याकांड में करीबी का हाथ मान रही है। इसके अलावा लूट करने वाले बदमाश या मजदूरों में भी कातिल छिपे हो सकते हैं। पुलिस ने लिसाड़ी गेट के बदमाशों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। मोईन सहित कई मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक राज मिस्त्री मोईन पहले जाकिर काॅलोनी में रहता था। करीब 12 साल पहले वह रुड़की में जाकर रहने लगा था। एक साल पहले उसने रुड़की में अपना मकान और प्लॉट बेचकर यहां सुहेल गार्डन में करीब 40 गज का प्लाट लिया था। डेढ़ महीने पहले वह बच्चों समेत सुहेल गार्डन में प्लाॅट के पास ही किराए के मकान में आकर रहने लगा। इसी गली में चार मकान छोड़कर उसने अपने प्लॉट पर मकान बनाना शुरू कर किया था। मोईन के पास पैसा है, इसका अंदेशा बहुत लोगों को था। मोईन ने मकान में तीन राजमिस्त्री और आठ मजदूर लगा रखे थे। तेजी से काम चल रहा था, जिस पर कई लोगों की नजर थी। अधिकारियों में मंथन हो रहा कि दंपती के साथ मासूम बच्चियों को कोई क्यों मारेगा। लूट ही करनी थी तो मोईन निशाना बन सकता था। रुड़की में कोई दंपती का विवाद तो नहीं हुआ। करीबी का ही कातिलों के साथ ताल्लुक रहा हो। ऐसे कई सवालों के जवाब अधिकारी ढूंढ रहे हैं। लिसाड़ी गेट में बदमाशों की संख्या ज्यादा है, इस बिंदु पर भी पड़ताल चल रही है।
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परिवार का विवाद तो नहीं
मोईन सात भाइयों में तीसरे नंबर का था। मोईन के सलीम, अनीस, कलीम, तसलीम, मोमिन, अमजद भाई हैं। एक युवक की हत्या के मामले में अमजद हरिद्वार जेल में बंद होना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक मोईन के साले हापुड़ निवासी शफीक ने बताया कि एक सप्ताह पहले चार लाख रुपये मोईन ने अपने भाई की जमानत के लिए दिए थे। मोईन की आसमा तीसरी पत्नी थी, जबकि असमा ने भी अपने पहले पति दीन मोहम्मद को तलाक देकर मोईन से निकाह किया था। परिवार के विवाद की भी पुलिस जानकारी जुटाने में लगी है।
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कई लोगों ने दिया हत्याकांड काे अंजाम
घटनास्थल का मंजर देखकर पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कई लोग शामिल हो सकते हैं। एसएसपी का भी कहना है कि हत्याकांड को करीबी लोगों ने ही अंजाम दिया है, कातिल कौन है और कत्ल की वजह किया है, इसकी जांच की जा रही है।

लाशों को ठिकाने लगाने की योजना तो नहीं थी
मकान के अंदर माईन का शव गठरी में बंधा था। पत्नी आसमा और बड़ी बेटी का शव बेड के अंदर था। दोनों छोटी बेटियों की शवों को भी बोरी में बांधकर बेड के अंदर ही रखा था। माना हत्यारों ने शवों को ठिकाने लगाने की पूरी कर रखी थी। हो सकता है कि रात में शवों को ठिकाने लगाया जाता। जिस मकान में सामूहिक हत्याकांड हुआ। उसके सामने वाला मकान भी बंद है और उसके आसपास दोनों ओर खाली प्लाट हैं।

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बुधवार को ही लेंटर डाल कर लड्डू बांटे थे
मोईन ने बुधवार को मकान का लिंटर डाला था। पूरे मोहल्ले में लड्डू बांटे थे। रात करीब नौ बजे तक उनके मकान में चहल पहल थी। इसके बाद ही रात में हत्यारों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

चार टीमों को लगाया
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में चार टीमों को लगाया गया है। तमाम बिंदुओं पर जांच की जा रही है।



इन बिंदुओं पर भी जांच
- पूरे परिवार को मारने वालों में कोई खास व्यक्ति रहा होगा, जिसका घर में आना जाना था।
- परिवार को खाने में कोई नशीली चीज दी गई हो। बेहोश होने के बाद सभी की हत्या की गई हो, इसलिए किसी की चीख नहीं सुनाई दी।
- हत्यारे कई लोग होंगे, जो घर में काफी देर तक ठहरे होंगे
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