सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था हर्ष, लाश देख उड़े ग्रामीणों के होश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर्ष होनहार छात्र था। पिछले सत्र में उसने हाईस्कूल पास की थी। स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतिभा के दम पर उसने नेपाल तक खेलकर कामयाबी पाई। वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई। जानिए पूरा मामला।
घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की है। जहां गांव सैदपुर कलां के छात्र की अगवा कर हत्या कर दी गई। युवक की हत्या के विरोध में परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब तीन घंटे तक चरथावल-रोहाना मार्ग जाम कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। एसडीएम सदर और सीओ सदर ने गमजदा परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से अनुदान दिलवाने और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का भरोसा देकर जाम खुलवाया। छात्र की हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की स्टोरी को भी खंगाला जा रहा है।
चरथावल थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर कलां निवासी हर्ष (16) पुत्र दीपक पिछले आठ महीने से सेना में भर्ती के लिए साथियों के साथ नियमित दौड़ लगाता था। वह कक्षा 11 का छात्र था। 30 जुलाई की शाम को करीब 4:20 बजे दौड़ लगाने के दौरान अलावलपुर चौकी के निकट हैंडपंप पर पानी पीने की बात कहते हुए भाई छोटू को मोबाइल फोन थमा दिया। उसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। परिजनों ने पुलिस को उसके लापता होने की तहरीर दी।
इसके बाद परिजनों ने खुद ही लापता की तलाश में जंगलों की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे घास काटने वाली महिलाओं की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी, तो सन्न रह गईं। यह खबर आसपास इलाके में आग की तरह फैल गई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नाले से बाहर निकाला। सूचना पर परिजन भी आ गए। शव की पहचान परिजनों ने हर्ष के रूप में की। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह करीब 11 बजे भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जाम लगाकर प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। रोहाना-मुख्यमार्ग पर जाम लगाने के बाद जिले से सीओ सदर, एसडीएम सदर, छपार, तितावी से फोर्स मौके पर पहुंच गई। मृतक की मॉ ममतेश ने बेटे की हत्या के पीछे पुलिस पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। सीओ रिजवान अहमद ने महकमे पर आरोप के बाद खुद खेद जताते हुए गुस्साए लोगों को शांत किया।
वहीं एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री बीमा सहायता ये अनुदान दिलाने के लिए मौके पर लेखपाल को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर में करीब दो बजे जाम खुला, तब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जाम के कारण दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर वाहन जाम में फंस गए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/