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पत्नी की हत्या : मां की जिंदगी बचाने के लिए गिड़गिड़ाती रही बेटी, पिता को नहीं आया जरा भी रहम
Sat, 17 Apr 2021 11:23 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 17 Apr 2021 11:23 PM IST
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meerut police
- फोटो : अमर उजाला
अपनी मां मीनाक्षी को बचाने के लिए बेटी निधि गजराज के सामने गिड़गिड़ाती रही। उसकी आंखों से आंसू बहते रहे। फिर भी उसे रहम नहीं आया। निधि के आंसू भी मां की जिंदगी नहीं बचा सके। किनानगर में हुई घटना के बारे में जिसने भी सुना, सन्न रह गया। घटनास्थल पर पहुंचने वाले अधिकतर ग्रामीण यही कहते रहे कि बात कोई भी रही हो, मगर पिता को बेटी और गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों पर तो रहम करना चाहिए था। मीनाक्षी ने बताया कि पापा ने मम्मी को जोर जोर से मारा। उसे रोका तो उसे भी पीट दिया।
मीनाक्षी के भाई अरुण ने बताया कि उसकी बहन की सात साल पूर्व गचोलाबढ निवासी राजू के साथ शादी की गई थी। उससे एक बेटी निधि है। राजू की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद नई बस्ती निवासी गजराज के साथ दूसरी शादी की गई। कुछ समय तो सब ठीक रहा, लेकिन कुछ समय से पति और पत्नी में अनबन चल रही थी।
घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ उसके घर पर जमा हो गई। मीनाक्षी का शव पड़ा देख उसकी मां और पिता के अलावा बहन कुसुम, ललिता, अंशु और भाई अरुण का रोकर बुरा हाल रहा। कुछ लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया।
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मीनाक्षी के भाई अरुण ने बताया कि उसकी बहन की सात साल पूर्व गचोलाबढ निवासी राजू के साथ शादी की गई थी। उससे एक बेटी निधि है। राजू की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद नई बस्ती निवासी गजराज के साथ दूसरी शादी की गई। कुछ समय तो सब ठीक रहा, लेकिन कुछ समय से पति और पत्नी में अनबन चल रही थी।
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घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ उसके घर पर जमा हो गई। मीनाक्षी का शव पड़ा देख उसकी मां और पिता के अलावा बहन कुसुम, ललिता, अंशु और भाई अरुण का रोकर बुरा हाल रहा। कुछ लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया।
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