जेल के आस पास ही रूके थे मुन्ना बजरंगी के शूटर, बैरक पहुंचते ही किया था फोन
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बजरंगी के साथ बैरक में बंद विक्की सुन्हैड़ा से भी पुलिस इस बाबत जानकारी लेगी। पुलिस को इस संबंध में में भी भनक लगी है कि झांसी से बागपत तक के रास्ते में पुलिस के काफिले से एक सीमित दूरी पर बजरंगी के शूटर भी चल रहे थे। यह भी कहा जा रहा है कि ये शूटर रात के समय भी बागपत जेल के आसपास ही रुके थे।
जेल के आसपास सक्रिय रहे थे कई मोबाइल
हालांकि,बागपत जेल में मोबाइल का संचालन बड़ी बात नहीं है। कई बार जांच में जेल के भीतर मोबाइल मिलने की पुष्टि हो चुकी है। बजरंगी की हत्या के बाद उसकी लाश की तस्वीरें भी एंड्रायड फोन से ही वायरल किए गए। सर्विलांस में बागपत जेल के आसपास कई मोबाइल फोन के सक्रिय होने की बात भी सामने आई है। अब हत्या से पहले जेल के आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों में की जांच में पुलिस को भनक लगी है कि रविवार की रात मुन्ना बजरंगी ने भी जेल से फोन पर बात की थी। अंदेशा लगाया जा रहा है कि कहीं मुन्ना की इन शूटर्स से तो किसी तरह की बातचीत नहीं हुई थी।
मुन्ना बजरंगी रविवार रात करीब सवा नौ बजे बागपत जेल में दाखिल हुआ था। इसके बाद उसे तन्हाई बैरक में भेजा गया,वहां सुनील राठी और अन्य कुख्यात बदमाश मौजूद रहे। बजरंगी ने इच्छा जताई कि विक्की सुन्हैड़ा के साथ रहना चाहता है। इसके बाद वह विक्की की बैरक में चला गया।
पूछताछ में विक्की सुन्हैड़ा यह पहले ही बता चुका है कि बजरंगी उस रात काफी बैचेन था और देर रात तक जागता रहा। हत्या से पूर्व जेल के आसपास सक्रिय संदिग्ध नंबरों की तलाश कर रही पुलिस को मोबाइल सर्विलांस से भनक लगी है कि बजरंगी ने भी जेल से किसी से बात की। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि मुन्ना बजरंगी ने यह फोन किसे किया।