गोली मारने से पहले मुन्ना बजरंगी के साथ हुई थी मारपीट, रिपोर्ट में पसली की हड्डी टूटी मिली
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पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद कई सवाल अनसुलझे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दाईं पसली की सातवीं हड्डी टूटी मिली है। हड्डी गोली से टूटी है या जमीन पर गिरने से टूटी है यह स्पष्ट नहीं हो सका है। इसी पसली के निकट गोली का घाव भी है।
जिला कारागार में सोमवार की सुबह मुन्ना बजरंगी की सुनील राठी ने गोली मारकर हत्या की। घटनास्थल जेल में होने की वजह से कई सवाल अनसुलझे हैं। सजायाफ्ता सुनील राठी के कब्जे वाली बागपत जेल में हत्या से पहले मुन्ना बजरंगी की पिटाई करने की भी चर्चा चल रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दाईं पसली की सातवीं हड्डी टूटी होने की पुष्टि हुई है, लेकिन यह हड्डी कैसे टूटी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पसली में गोली का घाव भी है। आशंका यह भी है कि जमीन पर गिरने से तो हड्डी नहीं टूट गई है।
पुलिस यह जांच भी कर रही है कि हत्या से पहले कहीं बजरंगी की पिटाई तो नहीं की गई। सिर में दाहिने तरफ आगे की और बाई तरफ पीछे की हड्डी में भी फ्रेक्चर मिला है।
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शरीर पर 13 घाव, सात गोली मारी
हत्या के बाद हर्ष फायरिंग तो नहीं की
एसपी जयप्रकाश ने बताया बजरंगी को सात गोली मारी गई, लेकिन मौके पर 10 खोखे मिले हैं। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि वारदात के बाद कहीं हर्ष फायरिंग तो नहीं की गई। कहीं ऐसा तो नहीं कि तीन गोलियां हवा में दागी गई हों। दो मैगजीन और कुल 22 कारतूस भी बरामद हुए हैं।
मुन्ना बजरंगी खाली पेट था
मुन्ना बजरंगी ने रविवार की रात में करीब 10 बजे विक्की सुन्हैडा के साथ खाना खाया। सुबह वह फ्रेश होकर बैरक के बाहर निकला। जिस वक्त हत्या की गई, मुन्ना बजरंगी खाली पेट था।
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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच शुरू
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) लोकपाल सिंह ने शुरू कर दी। मजिस्ट्रेट जांच शुरू होने के 48 घंटे बाद भी एक भी व्यक्ति मौखिक या लिखित तौर पर बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा है।
एडीएम ने कहा अभी किसी ने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। कोई भी व्यक्ति 25 जुलाई तक अपने बयान दर्ज करा सकता है। शासन ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) लोकपाल सिंह को बागपत जिले में बजरंगी हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच सौंपी है।
एडीएम लोकपाल सिंह ने बताया कि मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच शुरू कर दी, लेकिन अभी तक एक भी व्यक्ति लिखित या मौखिक रूप से बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा है।
बयान दर्ज करने का कार्य सुबह 10 से शाम पांच बजे तक उनके कार्यालय में किया जा रहा है। एडीएम ने बताया कि 25 जुलाई तक मजिस्ट्रेट जांच चलेगी, इस बीच कोई भी व्यक्ति अपने बयान दर्ज करा सकता है। गौरतलब है कि इसी माह 31 जुलाई को एडीएम लोकपाल सिंह सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
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