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Meerut News: रिश्वत लेता नगर निगम का राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार
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रिश्वत लेता नगर निगम का राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार
गंगानगर (मेरठ)। गंगानगर में हाउस टैक्स कम करने के लिए 5 हजार की रिश्वत लेते नगर निगम के राजस्व निरीक्षक नवल सिंह राघव को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। टीम आरोपी को गंगानगर थाने ले आई।
गंगानगर निवासी नवल सिंह राघव गंगानगर स्थित ऑफिस में तैनात हैं। डिफेंस कॉलोनी निवासी चिरंजीव सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन अधिकारियों को बताया कि हाउस टैक्स कम करने के एवज में नवल सिंह राघव ने पांच हजार रुपये मांगे। एंटी करप्शन अधिकारियों ने चिरंजीव के प्रतिनिधि सतीश को केमिकल लगे नोट दिए और रिश्वत के रूप में राजस्व निरीक्षक को देने को कहा। दोपहर में सतीश कार्यालय पहुंचा। वहां उसने पांच हजार रुपये दिए। कुछ देर बाद एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंच गई और वह रुपये नवल सिंह के पास से बरामद किए। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। टीम में इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, बाबर रजा जैदी, उषा तोमर, हेड कांस्टेबल अमृत पाल सिंह, राम निवास और संजीव चौहान मौजूद थे। डिफेंस कॉलोनी निवासी चिरंजीव सिंह के मुताबिक उनकी दादी बलवीर कौर के नाम प्लॉट है। उस पर 84 हजार रुपये का वाटर और हाउस टैक्स लगा है।
आधे नगर निगम पर रहा है नवल का आधिपत्य
मेरठ। राजस्व निरीक्षक नवल सिंह राघव का आधिपत्य आधे से अधिक निगम पर रहा है। ये अपनी पदोन्नति को लेकर भी चर्चाओं में रहे हैं। आरोप है कि शासन ने भले ही इनकी पदोन्नति को स्वीकार नहीं किया हो, लेकिन पूर्व नगरायुक्त ने उनको अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दे दी। इसको लेकर अन्य कर्मचारियों ने नाराजगी भी जताई।
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नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक नवल सिंह की नियुक्ति अकेंद्रीय सेवा संवर्ग के समूह घ में कर संग्रह के पद पर हुई थी। आरोप है कि इन्होंने राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति गलत तरीके से पाई है, जबकि नगरायुक्त रहे राजकुमार सचान ने इनकी पदोन्नति राजस्व निरीक्षक के पद पर न किए जाने संबंधी पत्र जारी किया था। अब तीन साल पहले एक नगरायुक्त से इन्होंने राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति पा ली।
अब से पहले भी निगम में कई बार पकड़े जा चुके हैं भ्रष्टाचारी
नगर निगम में अब से पहले राजेंद्र शर्मा, मुकेश शर्मा, रईस अहमद समेत कई टैक्स कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। पूर्व में टैक्स निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप को भी नगर निगम में एंटी करेप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगों हाथों पकड़ा था। निगम कर्मचारियों ने एंटी करप्शन की टीम पर हमला बोल दिया था। 20 कर्मचारियों को जेल जाना पड़ा था।
बोले अधिकारी
नवल सिंह रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। एंटी करप्शन कार्रवाई कर रहा है। इनकी पदोन्नति के बारे में कुछ लोगों ने बताया है। उसकी भी जांच कराई जाएगी। इस मामले में निगम की भी बदनामी हुई है। - प्रमोद कुमार, अपर नगरायुक्त
सख्त होनी चाहिए कार्रवाई
हाउस टैक्स विभाग में जनता से अवैध वसूली की शिकायत अनेक बार हमारे पास भी आई है। हमने नगरायुक्त से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए रिश्वतखोरों के हौसले बुलंद हैं। रिश्वतखोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - सुनीता वर्मा, महापौर
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गंगानगर (मेरठ)। गंगानगर में हाउस टैक्स कम करने के लिए 5 हजार की रिश्वत लेते नगर निगम के राजस्व निरीक्षक नवल सिंह राघव को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। टीम आरोपी को गंगानगर थाने ले आई।
गंगानगर निवासी नवल सिंह राघव गंगानगर स्थित ऑफिस में तैनात हैं। डिफेंस कॉलोनी निवासी चिरंजीव सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन अधिकारियों को बताया कि हाउस टैक्स कम करने के एवज में नवल सिंह राघव ने पांच हजार रुपये मांगे। एंटी करप्शन अधिकारियों ने चिरंजीव के प्रतिनिधि सतीश को केमिकल लगे नोट दिए और रिश्वत के रूप में राजस्व निरीक्षक को देने को कहा। दोपहर में सतीश कार्यालय पहुंचा। वहां उसने पांच हजार रुपये दिए। कुछ देर बाद एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंच गई और वह रुपये नवल सिंह के पास से बरामद किए। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। टीम में इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, बाबर रजा जैदी, उषा तोमर, हेड कांस्टेबल अमृत पाल सिंह, राम निवास और संजीव चौहान मौजूद थे। डिफेंस कॉलोनी निवासी चिरंजीव सिंह के मुताबिक उनकी दादी बलवीर कौर के नाम प्लॉट है। उस पर 84 हजार रुपये का वाटर और हाउस टैक्स लगा है।
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आधे नगर निगम पर रहा है नवल का आधिपत्य
मेरठ। राजस्व निरीक्षक नवल सिंह राघव का आधिपत्य आधे से अधिक निगम पर रहा है। ये अपनी पदोन्नति को लेकर भी चर्चाओं में रहे हैं। आरोप है कि शासन ने भले ही इनकी पदोन्नति को स्वीकार नहीं किया हो, लेकिन पूर्व नगरायुक्त ने उनको अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दे दी। इसको लेकर अन्य कर्मचारियों ने नाराजगी भी जताई।
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नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक नवल सिंह की नियुक्ति अकेंद्रीय सेवा संवर्ग के समूह घ में कर संग्रह के पद पर हुई थी। आरोप है कि इन्होंने राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति गलत तरीके से पाई है, जबकि नगरायुक्त रहे राजकुमार सचान ने इनकी पदोन्नति राजस्व निरीक्षक के पद पर न किए जाने संबंधी पत्र जारी किया था। अब तीन साल पहले एक नगरायुक्त से इन्होंने राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति पा ली।
अब से पहले भी निगम में कई बार पकड़े जा चुके हैं भ्रष्टाचारी
नगर निगम में अब से पहले राजेंद्र शर्मा, मुकेश शर्मा, रईस अहमद समेत कई टैक्स कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। पूर्व में टैक्स निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप को भी नगर निगम में एंटी करेप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगों हाथों पकड़ा था। निगम कर्मचारियों ने एंटी करप्शन की टीम पर हमला बोल दिया था। 20 कर्मचारियों को जेल जाना पड़ा था।
बोले अधिकारी
नवल सिंह रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। एंटी करप्शन कार्रवाई कर रहा है। इनकी पदोन्नति के बारे में कुछ लोगों ने बताया है। उसकी भी जांच कराई जाएगी। इस मामले में निगम की भी बदनामी हुई है। - प्रमोद कुमार, अपर नगरायुक्त
सख्त होनी चाहिए कार्रवाई
हाउस टैक्स विभाग में जनता से अवैध वसूली की शिकायत अनेक बार हमारे पास भी आई है। हमने नगरायुक्त से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए रिश्वतखोरों के हौसले बुलंद हैं। रिश्वतखोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - सुनीता वर्मा, महापौर