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बैकफुट पर नगर निगम: मेरठ में कबाड़ से जुगाड़ कर बनाई महात्मा गांधी की प्रतिमा, आलोचना हुई तो हटवाई

Mon, 09 Oct 2023 01:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 09 Oct 2023 01:16 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में नगर निगम का कबाड़ से जुगाड़ कर महात्मा गांधी की प्रतिमा बनाकर श्रद्धांजलि देना भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर नगर निगम के इस प्रयास की जमकर आलोचना हुई जिसके बाद इस प्रतिमा को हटाने का निर्णय लिया गया।

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Municipal Corporation Meerut makes Statue of Mahatma Gandhi made from junk, criticized, says- will be removed
कबाड़ से बनाई महात्मा गांधी की मूर्ति - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मेरठ में गांधी जयंती के अवसर पर नगर निगम ने कबाड़ से जुगाड़ के तहत महात्मा गांधी की मूर्ति बनाई। इस मूर्ति को कमिश्नरी के पास सेल्फी पॉइंट पर लगाया गया है, जो शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। हालांकि नगर निगम का यह प्रयास लोगों के गले नहीं उतरा और सोशल मीडिया पर देश के महापुरुष महात्मा गांधी को इस प्रकार से श्रद्धांजलि देने पर खूब खरी खोटी सुनाई और इसे शर्मनाक बताया। वहीं किरकिरी होते ही नगर निगम ने प्रतिमा को हटवा दिया है।
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नगर निगम द्वारा बनाई गई प्रतिमा को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लोगों ने लिखा कि यह शर्मनाक है। नरेंद्र प्रताप नाम के यूजर ने लिखा कि 'कबाड़ से जुगाड़' के नाम पर 1.25 लाख का कबाड़ खड़ा करके निगम निगम ने इसे बापू की प्रतिमा का नाम दिया है। भुतिहा चरित्र की तरह दिखने वाला यह स्टेच्यू संसार भर में पूज्यनीय अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की गरिमा और सम्मान से साथ भद्दा मजाक है।
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एक अन्य यूजर ने लिखा कि नगर निगम के भ्रष्टाचारी अफसर हर दिन ऐसेे हथकंडों से सरकारी पैसा ठिकाने लगाते हैं। सवाल है कि अगर यह रचनात्मकता है तो क्या निगम का कोई अफसर अपने पिता/दादा कि ऐसी स्टूच्यू बनवाकर अपने घर में रखना चाहेगा? क्या कोई अफसर पीएम और सीएम की ऐसी स्टेच्यू बनवाने की हिम्मत कर सकता है?

हालांकि बापू की प्रतिमा की आलोचना और मामले को तूल पकड़ता देख नगर निगम बैकफुट पर आ गया और अपर नगर आयुक्त ने प्रतिमा हटाने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने कहा जो हमारे पास स्क्रैप का कैसे कलात्मक रूप से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं इस उद्देश्य से शहर में ऐसी कलाकृतियां बनाई गई हैं।

महात्मा गांधी की स्टेच्यू को भी गांधी जयंती के उपलक्ष्य में तैयार कर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया। गांधी जी स्वयं स्वच्छता के प्रतीक हैं। प्रतिमा को लेकर लोगों का फीडबैक मांगा गया था। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। फिलहाल इसको अभी हटवाकर और बेहतर बनवाकर किसी अन्य जगह पर स्थापित किया जाएगा। वहीं दोपहर बाद नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची और प्रतिमा को हटवाया दिया गया। टीम प्रतिमा को ट्रैक्टर ट्रॉली में लेकर चली गई।

यह भी पढ़ें:  Meerut: शहर को मिलेगी एक और टाउनशिप, दस गांवों की 1500 एकड़ जमीन चिह्नित, शासन ने जताई सहमति

बता दें कि मेरठ का 'कबाड़ से जुगाड़' अभियान राष्ट्रीय फलक तक चमक चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात के 93वें संस्करण में योगी सरकार के इस प्रयास की काफी सराहना की थी।

मेरठ नगर निगम ने कुछ ही समय पहले सर्किट हाउस चौराहे पर टायर और अन्य बेकार वस्तुओं से चौराहे का सौंदर्यकरण किया है। इसके अलावा गांधी आश्रम चौराहे पर कबाड़ से चौराहे को सुंदर आकार दिया है। इन चित्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में दिखाते हुए अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इससे पहले भी 'मन की बात' में अलग-अलग विषयों पर मेरठ का नाम चमकता रहा है। इस क्रांतिकारी शहर ने खेल, शिक्षा, उद्योग, किसान आदि क्षेत्रों में भी अपना नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। अब कबाड़ से जुगाड़ कर महात्मा गांधी की मूर्ति बनाकर नगर निगम का प्रयास सुर्खियां बटोरने का था लेकिन उल्टा नगर निगम की किरकिरी हो गई।

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