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कई साल से लंबित चल रहीं नगर निगम की शिकायतें

Fri, 22 Jan 2021 01:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 01:59 AM IST
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Municipal corporation complaints pending for many years
कई साल से लंबित चल रहीं नगर निगम की शिकायतें
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मेरठ। प्रदेश सरकार के समाधान (आईजीआरएस) पोर्टल पर शिकायतों और समस्याओं का हल एक बार में नहीं हो पा रहा है। गलत और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर शिकायतकर्ता उन शिकायतों को फिर कर रहे हैं और फिर भी समस्या जस की तस है। इस मामले में नगर निगम अधिकारियों का रवैया टालमटोल का है। हर शिकायत का काम किए बगैर ही निस्तारण होना बताकर शिकायत को निक्षेपित करने के लिए कह दिया जाता है।
इनमें एक मामला 2016 का है। वार्ड नंबर 7 की गंगोत्री कॉलोनी निवासी डॉ. अजय कुमार ने कॉलोनी से कूड़ा नहीं उठाए जाने की शिकायत की थी। निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि कॉलोनी सरकारी नहीं है। इसे सहकारी आवासीय समिति ने विकसित किया है। ऐसी कांलोनियों से हर रोज 100 किलो कूड़ा उत्सर्जित होने पर कॉलोनी प्रबंधन द्वारा निस्तारित करने का नियम है। यह कहकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। इस पर डॉ. अजय कुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट में निगम ने अपनी जवाब दाखिल नहीं किया। नतीजा, अजय कुमार ने एक बार फिर पूरे मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की है।
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इसी तरह विश्व हिंदू महासंघ, मेरठ ने वार्ड नंबर 44 में मोहल्ला हनुमानपुरी, मोहनपुरी ओर सुभाषनगर के बीच दो नालों की सफाई नहीं होने की शिकायत की थी। नाले की दीवार में गुणवत्ता का भी मामला उठाया। एक साल से महंत बाबा धर्मपाल नाथ इसकी शिकायत कर रहे हैं लेकिन निगम ध्यान ही नहीं दे रहा है। नालों की सफाई नहीं होने से क्षेत्र में जलभराव होता रहता है। बरसात में हाल बेहाल हो जाता है। श्यामनगर स्थित डीके फैक्टरी के पास वाली मस्जिद के पास नाली चोक होने और कूड़ा पड़े रहने की शिकायत भी लगातार की जा रही है।
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इसके अलावा सफाई कर्मचारी नेता विनेश विद्यार्थी लंबे समय से निगम में स्वीकृत 3,367 सफाईकर्मियों के पद के सापेक्ष 163 सफाईकर्मी कम होने का मुद्दा उठाते हुए भर्ती की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, सांसद राजेंद्र अग्रवाल और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल आदि भी शासन, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र भेज चुके हैं। बावजूद इसके इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। विद्यार्थी का कहना है कि नई भर्तियां न कर नगर आयुक्त एमएस एक्ट, 2013 का उल्लंघन कर रहे हैं।

कोट
गलत सूचनाएं देने की जांच होगी
शिकायतों के निस्तारण बगैर आईजीआरएस पोर्टल पर समाधान की सूचना देना बेहद गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।-श्रद्धा शांडिल्यायन, अपर नगर आयुक्त एवं शिकायत प्रभारी
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