दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लिए नितिन गडकरी से मिले सांसद राजेंद्र अग्रवाल
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सांसद ने कहा कि मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे से ग्राम जैनुद्दीनपुर से एक अलग सड़क का प्रस्ताव है जो हापुड़ रोड पर मिलेगी। यह हिस्सा पहले काट दिया गया था। बाद में जोड़ दिया। अभी तक इस हिस्से का टेंडर नहीं हुआ है जिसे तत्काल जारी कराया जाए।
साथ ही हापुड़ के गांव सूदना, वझीलपुर समेत 15 गांवों को जाने वाले मार्ग के लिए निर्माणाधीन मेरठ बुलंदशहर हाईवे के हापुड़ बाईपास पर अंडरपास दिया जाए। मुजफ्फरनगर से निकलकर कन्नौज में जाकर गंगा में मिलने वाली कृष्णा नदी प्रदूषण से बचाने के लिए उचित इंतजाम किए जाएं।
तेज हुआ कार्य : मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे का कार्य और तेज हो गया है। यहां मजदूरों की संख्या बढ़ा दी है। 32 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की तैयारी में लगभग तीन हजार मजदूरों को लगाया है। आटोमैटिक मशीनें एक्सप्रेस वे की लेबलिंग के लिए लगाई हैं। बहादरपुर अंडरपास बनाकर तैयार कर दिया। टोल प्लाजा की तैयारी है। इसके अलावा एक्सप्रेस वे के बीच बनने वाले आरओबी के वन साइड पिलर तैयार हैं जिनके सूखने का इंतजार है। इसके बाद दूसरी ओर पिलर खडे़ किए जांएगे।
सांसद ने बुधवार को बताया कि कुछ किसानों की जमीन के मुआवजे का भुगतान रुका हुआ है इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों से बात हुई है जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक हर हालत में एक्सप्रेस वे तैयार करा दिया जाएगा। परतापुर तिराहे पर बनने वाले अंडरपास का काम तेजी पर है। अंडरपास की धरातल में स्टील रॉड का जाल बिछा दिया गया। जाल बिछने के बाद यहां लिंटर डाला जाएगा।