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Meerut News: श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ मां ब्रह्मचारिणी का पूजन
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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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- ब्रह्मचारिणी पूजन के साथ नवरात्र का दूसरा दिन संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरुप ब्रह्मचारिणी की विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के आचार्य मुकेश शांडिल्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिपूर्वक पूजा संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और साधना की प्रतीक हैं, जिनकी आराधना से व्यक्ति को आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया और व्रत रखकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के संस्थापक सुदेश कुमार ने भक्तों को माता की पौराणिक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रत्येक दिन मां के अलग-अलग स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व होता है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। शनिवार को माता के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की विधिविधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। कार्यक्रम में ज्योति शर्मा, काजल शर्मा, रानी शर्मा, सीमा गुर्जर, कोमल धामा का सहयोग रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरुप ब्रह्मचारिणी की विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के आचार्य मुकेश शांडिल्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिपूर्वक पूजा संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और साधना की प्रतीक हैं, जिनकी आराधना से व्यक्ति को आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया और व्रत रखकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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मंदिर के संस्थापक सुदेश कुमार ने भक्तों को माता की पौराणिक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रत्येक दिन मां के अलग-अलग स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व होता है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। शनिवार को माता के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की विधिविधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। कार्यक्रम में ज्योति शर्मा, काजल शर्मा, रानी शर्मा, सीमा गुर्जर, कोमल धामा का सहयोग रहा।
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