Meerut: छत पर बंदर-गली में कुत्ते, सुनेगा कौन, जिम्मेदार मौन? शिकायतों के बावजूद नहीं होता समाधान
मेरठ वार्ड-35 के लोग बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। शिकायत के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे और घरवाले सुरक्षा की चिंता में घर में ही रह रहे हैं।
विस्तार
महावीर नगर निवासी अभिषेक भाटिया, शशांक, सुरेश चंद, रोहित, मनोज व अभिलाष आदि ने बताया कि उनकी कालोनी में बंदरों का आतंक बदस्तूर जारी है। बंदरों के हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बंदरों ने छत पर चढ़कर उनका काफी नुकसान कर दिया है। उन्हें भगाने का प्रयास करते हैं, तो वह झुंड बनाकर हमला कर देते हैं।
काॅलोनी में 20 से 25 कुत्ते आवारा झुंड बनाकर रहते हैं। पैदल व दो पहिया वाहन सवार लोगों पर कुत्तों का झुंड हमला कर घायल करता है। बंदरों व आवारा कुत्तों के कारण बच्चे घर में बंद होकर रह गए हैं। लोग हाथों में डंडा लेकर छत व सड़क पर निकलते हैं।
इनका कहना है
कुछ दिन पूर्व छत पर बंदरों के एक झुंड ने उनपर हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे ।नगर निगम में शिकायत के बावजूद कोई भी कर्मचारी जानकारी तक लेने नहीं आया।- शशांक कात्याल
सड़क पर जगह-जगह आवारा कुत्तों के झुंड बैठे रहते हैं। सड़क पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। दो पहिया वाहन के पीछे आवारा कुत्तों का झुंड भागता है। जिससे घबराकर बाइक सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। -अभिषेक भाटिया
बंदरों व आवारा कुत्तों के डर से डंडा लेकर निकलना पड़ता है। शाम आवारा कुत्तों के डर से सड़क पर निकलना भी दूभर है। जल्द से जल्द निगम लोगों की समस्या का समाधान करें। -विजय गुप्ता