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बढ़ते तापमान से गायब हो गई फसलों से नमी, किसान चिंतित
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बढ़ते तापमान से गायब हुई फसलों में नमी।
- फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर। तापमान में हो रही प्रतिदिन बढ़ोतरी के चलते किसानों की चिंता में इजाफा हो गया है। इसका गेहूं एवं सरसों की फसल पर कुप्रभाव पड़ रहा है। बीते दो-तीन दिन से चल रही तेज हवा और धूप से मिट्टी की नमी गायब हो गई है। इससे किसानों को फसल बचाने के लिए अधिक सिंचाई करनी पड़ रही है।
पिछले एक सप्ताह से तापमान में हो रही बढ़ोतरी से गेहूं और सरसों की फसल से नमी गायब होती जा रही है। ऊपर से चल रही तेज हवा ने नमी को तेजी से सुखाने का काम किया है। जिसके लिए किसानों को खेतों की अधिक सिंचाई करनी पड़ रही है। इस बार सर्दी एवं बरसात भरपूर मात्रा में हुई। जिससे किसानों ने गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं करनी है। पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में सात डिग्री तथा न्यूनतम में छह डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। मौसम में आई तब्दीली के चलते गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। तापमान में वृद्धि से सरसों एवं गेहूं के लिए अच्छी नहीं है। पछेती गेहूं की फसल में अभी बालियां आनी शुरू नहीं हुई हैं। वहीं, सरसों के भी अभी तक फूल नहीं गिरे हैं। ऐसे में दोनों ही फसलें प्रभावित होने की आशंका है। तापमान में प्रतिदिन हो रही वृद्धि के चलते किसानों को दोनों फसलों में अधिक सिंचाई की आवश्यकता होगी। पछेती फसल में पांच से छह बार तक पानी देना पड़ सकता है। किसान अब तक तीन-चार बार सिंचाई कर चुके होते थे लेकिन इस वर्ष सर्दी एवं बरसात अच्छी होने से किसानों ने अभी तक सिंचाई बहुत ही कम मात्रा में की है। वहीं, गंगा किनारे रेतीले मैदान में गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी। हालांकि अब किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। बढ़ते तापमान एवं तेज हवा फसलों के लिए परेशानी का सबब है।
स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ओमवीर सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में लगातार तापमान बढ़ेगा। जिस कारण फसलों की सिंचाई बहुत जरूरी है। तेज हवा के कारण किसान गेहूं एवं सरसों की फसल में सिंचाई शाम को या रात में करें। इससे फसल के गिरने की आशंका बहुत कम हो जाएगी।
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पिछले एक सप्ताह से तापमान में हो रही बढ़ोतरी से गेहूं और सरसों की फसल से नमी गायब होती जा रही है। ऊपर से चल रही तेज हवा ने नमी को तेजी से सुखाने का काम किया है। जिसके लिए किसानों को खेतों की अधिक सिंचाई करनी पड़ रही है। इस बार सर्दी एवं बरसात भरपूर मात्रा में हुई। जिससे किसानों ने गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं करनी है। पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में सात डिग्री तथा न्यूनतम में छह डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। मौसम में आई तब्दीली के चलते गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। तापमान में वृद्धि से सरसों एवं गेहूं के लिए अच्छी नहीं है। पछेती गेहूं की फसल में अभी बालियां आनी शुरू नहीं हुई हैं। वहीं, सरसों के भी अभी तक फूल नहीं गिरे हैं। ऐसे में दोनों ही फसलें प्रभावित होने की आशंका है। तापमान में प्रतिदिन हो रही वृद्धि के चलते किसानों को दोनों फसलों में अधिक सिंचाई की आवश्यकता होगी। पछेती फसल में पांच से छह बार तक पानी देना पड़ सकता है। किसान अब तक तीन-चार बार सिंचाई कर चुके होते थे लेकिन इस वर्ष सर्दी एवं बरसात अच्छी होने से किसानों ने अभी तक सिंचाई बहुत ही कम मात्रा में की है। वहीं, गंगा किनारे रेतीले मैदान में गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी। हालांकि अब किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। बढ़ते तापमान एवं तेज हवा फसलों के लिए परेशानी का सबब है।
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स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ओमवीर सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में लगातार तापमान बढ़ेगा। जिस कारण फसलों की सिंचाई बहुत जरूरी है। तेज हवा के कारण किसान गेहूं एवं सरसों की फसल में सिंचाई शाम को या रात में करें। इससे फसल के गिरने की आशंका बहुत कम हो जाएगी।
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