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Meerut News: प्लास्टिक गलाने वाले मॉडल को मिला प्रथम पुरस्कार
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दौराला (मेरठ)। बड़कली गांव के रामकृष्ण इंटर कॉलेज में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ की ओर से मंगलवार को जिला विज्ञान क्लब मेरठ ने जिलास्तरीय नव प्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें प्लास्टिक गलाने की तकनीक पर आधारित सरधना की ईरम को प्रथम पुरस्कार दिया गया। प्रदर्शनी में नवाचार से जुड़े 74 मॉडल शामिल रहे। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एमएलसी अश्वनी त्यागी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। कॉलेज में असंगठित क्षेत्रों के नवाचारों ने अपने मॉडल प्रदर्शित किए। उन्होंने स्थानीय उपलब्ध संसाधनों से जीवन को सरल और सुलभ बनाने का संदेश भी दिया। सरधना की ईरम ने गलने वाली प्लास्टिक बनाई, जिसे निर्णायक समिति ने प्रथम स्थान दिया। इसके लिए आठ हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
महादेव गांव की मोहिनी ने एलगी से कागज बनाया और द्वितीय पुरस्कार के रूप में उसे पांच हजार रुपये दिए गए। शरीर का सही पोस्चर बनने के लिए मढ़ियाई गांव की सिफरा ने बेल्ट बनाई। इसके लिए उसे तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। पीपलीखेड़ा की तनु, मढियाई के रोजुद्दीन, बड़कली के शिवा, गंगानगर के प्रभरतन और चिरौड़ी के ललीत को सांत्वना पुरस्कार के रूप में दो हजार रुपये दिए गए। निर्णायक समिति में प्रो. योगेश चंद शर्मा, प्रो. प्रशांत गुप्ता, शाश्वत रतन, वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. हिना, अरविंद कुमार शर्मा रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य भुवनेश मोहन ने की। संचालन संदीप शर्मा ने किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज राठी, बीडीओ ब्रहम सिंह, एडीओ पंचायत रामेश्वर दयाल, मनोज चिरौड़ी आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एमएलसी अश्वनी त्यागी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। कॉलेज में असंगठित क्षेत्रों के नवाचारों ने अपने मॉडल प्रदर्शित किए। उन्होंने स्थानीय उपलब्ध संसाधनों से जीवन को सरल और सुलभ बनाने का संदेश भी दिया। सरधना की ईरम ने गलने वाली प्लास्टिक बनाई, जिसे निर्णायक समिति ने प्रथम स्थान दिया। इसके लिए आठ हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
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महादेव गांव की मोहिनी ने एलगी से कागज बनाया और द्वितीय पुरस्कार के रूप में उसे पांच हजार रुपये दिए गए। शरीर का सही पोस्चर बनने के लिए मढ़ियाई गांव की सिफरा ने बेल्ट बनाई। इसके लिए उसे तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। पीपलीखेड़ा की तनु, मढियाई के रोजुद्दीन, बड़कली के शिवा, गंगानगर के प्रभरतन और चिरौड़ी के ललीत को सांत्वना पुरस्कार के रूप में दो हजार रुपये दिए गए। निर्णायक समिति में प्रो. योगेश चंद शर्मा, प्रो. प्रशांत गुप्ता, शाश्वत रतन, वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. हिना, अरविंद कुमार शर्मा रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य भुवनेश मोहन ने की। संचालन संदीप शर्मा ने किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज राठी, बीडीओ ब्रहम सिंह, एडीओ पंचायत रामेश्वर दयाल, मनोज चिरौड़ी आदि मौजूद रहे।
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