मिशन 2022: बसपा सुप्रीमो मायावती ने किया बड़ा बदलाव, मुनकाद अली को मेरठ से हटाया, सतपाल पेपला का बढ़ाया कद
बसपा पार्टी हाईकमान ने सतपाल पेपला का कद बढ़ाते हुए मंडल का सेक्टर प्रभारी बनाया है साथ ही मेरठ मंडल के सभी जनपदों मैं संगठन का कार्य देखने का प्रभार दिया गया है
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विधानसभा चुनाव 2022 का बिगुल बजते ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन में भी बड़ा बदलाव किया है। पिछले सप्ताह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली को मेरठ मंडल का सेक्टर प्रभारी बनाया गया था। जिनको पार्टी हाईकमान ने अब मेरठ मंडल सेक्टर प्रभारी पद से मुक्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनको पूर्वांचल के मंडलों में लगाया गया है।
पार्टी हाईकमान ने सतपाल पेपला का कद बढ़ाते हुए मंडल का सेक्टर प्रभारी बनाया है। साथ ही मेरठ मंडल के सभी जनपदों में संगठन का कार्य देखने का प्रभार दिया गया है। अब सतपाल पेपला, समसुद्दीन राइन और राजकुमार गौतम मिलकर मेरठ मंडल के सभी जनपदों में संगठन का कार्य देखेंगे।
इस संबंध में मेरठ मंडल सेक्टर प्रभारी राजकुमार गौतम का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने संगठन में कुछ परिवर्तन करते हुए जहां बागपत जनपद के सेक्टर प्रभारी कमल सिंह राज को अब दिनेश काजीपुर मेरठ मंडल मुख्य सेक्टर प्रभारी के साथ मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत और हापुड़ जनपदों की जिम्मेदारी होती है।
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वहीं, सतपाल पीपला मेरठ मंडल मुख्य सेक्टर प्रभारी को मेरठ जनपद के अलावा मेरठ मंडल के मेरठ बुलंदशहर गौतम बुद्ध नगर गाजियाबाद बागपत और हापुर जनपद की भी जिम्मेदारी सौंपी है। यानी अब मेरठ मंडल सेक्टर प्रभारी के रूप में सतपाल पेपला समसुद्दीन दाएं और राजकुमार गौतम रहेंगे।
रविवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की बैठक में लिए निर्णय
पार्टी सूत्रों का कहना है कि रविवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह ही मेरठ जनपद के किठौर निवासी एवं बसपा के राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली को पार्टी हाईकमान ने मेरठ मंडल का सेक्टर प्रभारी बनाकर भेजा था। पहले ही दिन पार्टी कार्यालय पहुंचने पर बसपा संगठन के पदाधिकारी दो खेमों में बटे नजर आए थे। पार्टी कार्यालय पर कुछ पदाधिकारियों ने हंगामा भी किया था।
उधर पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी के बेटे इमरान कुरेशी के टिकट को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। पार्टी सूत्र बताते हैं कि मेरठ में बाबू मुनकाद अली को जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में उपजी गुटबाजी का मामला पार्टी हाईकमान के सामने पहुंचा जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने यह निर्णय लिया है।