Meerut: होटल में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप,आरोपी अब भी फरार, होटल संचालक पर कार्रवाई नहीं
मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में होटल इल्यूजन इन होम स्टे में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया। आरोपी युवक अभी फरार है। होटल संचालक पर भी कार्रवाई की मांग तेज है। हिंदू संगठनों ने कहा-इलाके में दर्जनों होटल बिना मानकों के चल रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र में स्थित होटल इल्यूजन इन होम स्टे में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना को हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी युवक पुलिस की गिरफ्त से अब भी बाहर है। वहीं, होटल संचालक के खिलाफ भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में रोष बढ़ गया है।
पीड़ित 15 वर्षीय छात्रा शहर के गंगानगर इलाके की रहने वाली है और कक्षा 12 की छात्रा है। परिजनों के अनुसार 31 अक्टूबर की रात, जब घर पर कोई नहीं था, तब भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव राली चौहान निवासी नितेश कुमार उसे बहला-फुसलाकर होटल ले गया।
होटल में बिना पहचान पत्र की जांच किए दोनों को प्रवेश दिया गया। रात में युवक छात्रा को घर के बाहर छोड़कर चला गया और धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से मार देगा। घर लौटे परिजनों को छात्रा ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद गंगानगर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी युवक फरार है। होटल संचालक अजीत गर्ग से पुलिस ने केवल शुरुआती पूछताछ की और वह शनिवार को थाने में खुला घूमता मिला। होटल मैनेजर का कहना है कि आरोपी युवक पहले भी अन्य लड़कियों के साथ यहां आता रहा है।
थाना प्रभारी अनूप सिंह के अनुसार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। होटल संचालक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू संगठनों का ट्वीट और रोष
बजरंग दल के बंटी बजरंगी ने घटना पर मुख्यमंत्री और एडीजी को टैग करते हुए ट्वीट किया।
ट्वीट में कहा गया-गंगानगर क्षेत्र में 100 से अधिक होटल खुल गए हैं। यहां कोई पर्यटन स्थल नहीं है, फिर भी होटलों में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। नाबालिग को बिना पहचान जांच के प्रवेश क्यों दिया गया? संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गंगानगर में होटल कारोबार पर बड़े सवाल
गंगानगर क्षेत्र में करीब 100 से अधिक होटल चल रहे हैं, जबकि यह कोई पर्यटन क्षेत्र नहीं है।स्थानीय लोगों का आरोप है कई होटल बिना फायर एनओसी, पर्यटन विभाग प्रमाणपत्र और बिल्डिंग स्वीकृति के चल रहे हैं। कुछ होटलों में बाहर से युवतियों को बुलाकर अनैतिक कार्य कराए जाने की शिकायतें पहले भी हुई हैं। स्कूल-कॉलेज यूनिफॉर्म में भी छात्र-छात्राओं को एंट्री दी जाती है, जबकि सरकार ने इसे स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया है।