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दया ही धर्म का मूल गुण: भाव भूषण महाराज
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दया ही धर्म का मूल गुण: भाव भूषण महाराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 26वें दिन शनिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। जिसमें स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य अनिल जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य जतिन जैन, ऋषभ जैन, सुशील जैन, कमल जैन को प्राप्त हुआ।
गुरुवर 108 भाव भूषण महाराज ने कहा कि दया ही धर्म का मूल गुण है। आज विडंबना यह है कि मानव ही मानव का दुश्मन बन गया है। किसी में भी दयाभाव परिलक्षित नहीं होता है। अहंकार के पुतले ने मानव को दानव बना दिया है। हे मानव तू दानव न बन, बस तू एक अच्छा इंसान बनकर इंसान की सेवा कर।
अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले दीप का प्रज्ज्वलन सोनम जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाकर भक्तामर विधान का शुभारंभ किया गया। 111 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
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विधान का विसर्जन निर्मल जैन, सतीशचंद जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अनिल जैन व सोनम जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन शुभि जैन, प्रीति जैन, सीमा जैन तथा चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुनीता दीदी व चंदन द्वारा किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, राकेश जैन, रोहित जैन का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 26वें दिन शनिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। जिसमें स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य अनिल जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य जतिन जैन, ऋषभ जैन, सुशील जैन, कमल जैन को प्राप्त हुआ।
गुरुवर 108 भाव भूषण महाराज ने कहा कि दया ही धर्म का मूल गुण है। आज विडंबना यह है कि मानव ही मानव का दुश्मन बन गया है। किसी में भी दयाभाव परिलक्षित नहीं होता है। अहंकार के पुतले ने मानव को दानव बना दिया है। हे मानव तू दानव न बन, बस तू एक अच्छा इंसान बनकर इंसान की सेवा कर।
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अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले दीप का प्रज्ज्वलन सोनम जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाकर भक्तामर विधान का शुभारंभ किया गया। 111 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
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विधान का विसर्जन निर्मल जैन, सतीशचंद जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अनिल जैन व सोनम जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन शुभि जैन, प्रीति जैन, सीमा जैन तथा चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुनीता दीदी व चंदन द्वारा किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, राकेश जैन, रोहित जैन का सहयोग रहा।