कांवड़ यात्रा स्थगित होने से व्यापारियों को होगा बड़ा नुकसान, करोड़ों का माल डंप, इस बार हाईवे पर नहीं गूजेंगे जयकारे
कोराना महामारी के चलते इस बार श्रावण मास की कांवड़ यात्रा नहीं होगी। इस बार न तो केसरिया सैलाब उमड़ेगा और न ही बोल बम के जयकारे गूंजेंगे। शहर में कांवड़ यात्रा में हर साल 20 दिन के आयोजन में छोटे-बड़े हर वर्ग के व्यापारी को काम मिलता था, जो अब नहीं मिलेगा। शहर में हर सेगमेंट के व्यापारियों को भारी घाटा होगा। कांवड़ यात्रा का आयोजन न होने सेे हर तबके का व्यापारी निराश है।
शहर में श्रावण मास की शुरुआत के साथ 6 जुलाई से कांवड़ का बाजार सजना था। 80 दिन के लॉक डाउन के बाद जब शहर अनलॉक होना शुरू हुआ तो इस बार की कांवड़ यात्रा से व्यापारी काफी उम्मीद लगाए हुए थे। ऐसे में कांवड़ यात्रा सीजन में लाखों रुपये का कारोबार करने वाले व्यापारियों का आय का यह साधन भी खत्म हो गया। अब जब कांवड़ यात्रा ही नहीं होगी तो सेवा शिविर भी नहीं लगाए जाएंगे। जिसके चलते अंगोछा, लोवर, टीशर्ट, फुटवियर, टेंट, कैटरिंग, डीजे, इलेक्ट्रिक, जेनरेटर, खाद्य सामग्री, मिष्ठान आदि का कारोबार प्रभावित रहेगा।
शहर में रह जाएगा सामान्य बाजार
बजाजा, वैली बाजार, शारदा रोड, लालकुर्ती, सेंट्रल मार्केट, बेगमपुल, आबूलेन, सदर, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, रिठानी, गंगानगर के बाजार में इस बार कांवड़ यात्रा से संबंधित सामान की बिक्री नहीं होगी। रूटीन का ही बाजार रहेगा।
व्यापार को भारी क्षति
ज्वाला खादी भंडार के अजय अरोड़ा का कहना है कि कांवड़ यात्रा न होने से काफी नुकसान होगा। कोई विकल्प भी नहीं है। कोरोना से बाजार पहले ही खत्म हो गया है। डिमांड पूर्व से ही ली थी। अब बाकी ऑर्डर भी कैंसल हो जाएंगे।
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कांवड़ यात्रा से सभी को उम्मीद
हैंडलूम वस्त्र व्यापार संघ के महामंत्री अंकुर गोयल का कहना है कि इस 80 दिन के लॉक डाउन के बाद अब व्यापारियों को कांवड़ यात्रा से ही उम्मीद थी। कांवड़ यात्रा पर रोक से हर बाजार प्रभावित होगा।
संपूर्ण बाजार को होगी क्षति
सदर व्यापार मंडल के महामंत्री अमित बंसल का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ग के व्यापारी को लाभ होता है। लेकिन इस बार यात्रा न होने से सब सूना ही रहेगा।
उम्मीद हुई खत्म
सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा का कहना है कि कोरोना से पहले ही बाजार टूट चुका है। अब कांवड़ यात्रा पर रोक से बाकी कारोबार की उम्मीद खत्म हो गई है। लाखों का नुकसान तो होगा ही।
नहीं आएगी कोई मांग
महेश टेंट हाउस के कपिल भारद्वाज का कहना है कि कोरोना ने पहले ही टेंट व्यवसाय खत्म कर दिया। अब इस बार शिविर न लगने से टेंट हाउस की कोई मांग नहीं आएगी। कांवड़ यात्रा न होने से भारी नुकसान होगा।
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