{"_id":"69a2fc77852fe07f480075e9","slug":"memorandum-submitted-regarding-removal-of-encroachment-from-government-pond-and-nazul-land-meerut-news-c-44-1-smrt1055-111523-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सरकारी तालाब और नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सरकारी तालाब और नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा
Sat, 28 Feb 2026 08:02 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 28 Feb 2026 08:02 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कस्बा सरधना में स्थित सरकारी तालाब और नजूल भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला फिर से तूल पकड़ रहा है। सामाजिक संगठन भ्रष्टाचार निवारण रिवोल्यूशन फ्रंट ने इसे जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने मांग की है कि संबंधित भूमि का सीमांकन कराकर अवैध कब्जे तुरंत हटवाए जाएं। दोषियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कस्बा सरधना में कई खसरा संख्याओं की भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब, जोहड़ और नजूल भूमि के रूप में दर्ज है, लेकिन वर्तमान में इन पर अवैध निर्माण और कब्जे कर लिए गए हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उच्च न्यायालय का सहारा लेंगे। उनका कहना है कि तालाबों और नजूल भूमि पर अतिक्रमण से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि नगर के सभी तालाबों को कब्जामुक्त कराया जाएगा। इस संबंध में तहसील और पालिका टीम जांच कर अतिक्रमण और कब्जा हटाने का कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरधना। कस्बा सरधना में स्थित सरकारी तालाब और नजूल भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला फिर से तूल पकड़ रहा है। सामाजिक संगठन भ्रष्टाचार निवारण रिवोल्यूशन फ्रंट ने इसे जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने मांग की है कि संबंधित भूमि का सीमांकन कराकर अवैध कब्जे तुरंत हटवाए जाएं। दोषियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कस्बा सरधना में कई खसरा संख्याओं की भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब, जोहड़ और नजूल भूमि के रूप में दर्ज है, लेकिन वर्तमान में इन पर अवैध निर्माण और कब्जे कर लिए गए हैं।
विज्ञापन
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उच्च न्यायालय का सहारा लेंगे। उनका कहना है कि तालाबों और नजूल भूमि पर अतिक्रमण से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि नगर के सभी तालाबों को कब्जामुक्त कराया जाएगा। इस संबंध में तहसील और पालिका टीम जांच कर अतिक्रमण और कब्जा हटाने का कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन