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मेहमानों की चहचहाहट से गूंजी सेंक्चुरी

Tue, 29 Nov 2016 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 29 Nov 2016 02:13 AM IST
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mehmaano ki chehchahat
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सर्दी में पक्षियों ने ठिकाना बदलना शुरू कर दिया है। वह जान बचाने के लिए माइग्रेट (प्रवास) कर रहे हैं। हस्तिनापुर सेंक्चुरी में अचानक चिड़ियों और प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट बढ़ गई है। गंगा की लहरें मेहमानों के पैरों से टकराकर उनका अभिनंदन कर रही हैं। तीन महीने के प्रवास पर पक्षी अपने घरौंदा छोड़ आने लगे हैं। माइग्रेट कोस्ट (ऊर्जा) गेन करने के बाद उड़ जाएंगे। फिर लौटकर आने के लिए। सालों से यह सिलसिला चल रहा है। प्रवासी पक्षियों के सफर पर विपिन धनकड़ की रिपोर्ट।
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पक्षियों का प्रवास
प्रवासी पक्षी दो तरह के हैं। एक तो वह जो विदेश से आते हैं। दूसरे अपने ही देश से हिल एरिया से आते हैं। ठंड बढ़ने पर यह जान बचाने के लिए माइग्रेट करते हैं। खाने की दिक्कत और मौसम की मार से बचने के लिए यह कुछ समय के लिए ठिकाना बदलने को मजबूर होते हैं। हस्तिनापुर सेंक्चुरी में चीन, रूस, मंगोलिया आदि देशों से पक्षी माइग्रेट करते हैं। हिमालय क्षेत्र और लद्दाख से भी पक्षी यहां आते हैं। नवंबर में इनकी दस्तक शुरू हो जाती है। फरवरी में वापस उड़ जाते हैं।
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24 घंटे में यूपी से चीन तक की उड़ान
पक्षियों की रफ्तार प्लेन से कम नहीं है। खास बात यह है कि यह बिना थके और रुके 24 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विवि के वाइल्ड लाइफ साइंस विभाग में हुई रिसर्च के मुताबिक बार हेडेड गीज बर्ड 24 घंटे में यूपी से साउथ चाइना पहुंच सकती है। यह दूरी करीब 1500 किमी है। 24 घंटे तक पक्षी उड़ सकते हैं। इस हिसाब से रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा से अधिक है। आमतौर पर प्रवासी पक्षी अपने ठिकाने से उड़कर माइग्रेट करने वाली जगह पर ही रुकता है।
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उड़ाने के लिए महीनों की तैयारी
बर्ड विशेषज्ञ डॉ. अफीफुल्ल खां के मुताबिक पक्षी प्रवास की उड़ान के लिए महीनों पहले तैयारी करते हैं। उड़ान के लिए एनर्जी गेन करते हैं। प्रवास करने के बाद वह माइग्रेशन कोस्ट गेन करते हैं। दोबारा खुद को तैयार करते हैं। कुछ पक्षी वापसी के लिए तैयार नहीं हो पाते। वह अगले साल जाते हैं। यह प्रक्रिया चलती रहती है। नवंबर में आकर फरवरी में प्रवासी पक्षी लौटते हैं। प्रवासियों पक्षियों की खास बात यह है कि वह एक ही जगह पर बार-बार आते हैं। आने की जगह नहीं बदलते।


ये आते हैं प्रवासी पक्षी
हस्तिनापुर सेंक्चुरी में आने प्रवासी पक्षियों में लेसर विहस्टलिंग डक, बार हेडेड गूज, रुड्डी शेलडक, कॉटन पिग्मी गूज, मलार्ड, नॉदर्न शोवेलेर, नॉदर्न पिनटेल, गारगानी, कॉमन पोचार्ड, कोब डक, स्पून बिल, डोमीसेल क्रेन आदि शामिल हैं।

 
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