{"_id":"6ae494e9cc66bee37c05e4b8","slug":"meeruts-daughter-manisha-hoisted-the-flag-in-europe-meerut-news-c-72-1-mct1014-161950-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मेरठ की बेटी मनीषा ने यूरोप में लहराया परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मेरठ की बेटी मनीषा ने यूरोप में लहराया परचम
विज्ञापन
प्राग की चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी में चयन, पीएचडी के लिए चार साल में मिलेंगे 58 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ की बेटी मनीषा शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के भौतिकी विभाग की पूर्व छात्रा मनीषा का चेक गणराज्य की राजधानी प्राग स्थित चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय पीएचडी शोध कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। उन्हें चार साल तक हर महीने 1.20 लाख रुपये यानी कुल करीब 58 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी।
दुनिया भर के 100 अभ्यर्थियों के बीच तीन चरणों की चयन प्रक्रिया पूरी कर भारत से अकेली चयनित होने वाली मनीषा की सफलता से विश्वविद्यालय में खुशी है। मनीषा की सफलता में पर्यावरण संरक्षण पर किया गया शोध अहम रहा। उन्होंने वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम करने और उसे उपयोगी रासायनिक उत्पादों के साथ यूरिया में बदलने की संभावनाओं पर काम किया है। उनके इस शोध प्रोजेक्ट ने चयन प्रक्रिया के तीसरे चरण में दावेदारी को मजबूती दी। इसका उद्देश्य हानिकारक उत्सर्जन कम करने के साथ ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के वैज्ञानिक समाधान तलाशना है।
तीन तकनीकों से तलाशेंगी ऊर्जा के विकल्प
मनीषा ने फोटोकैटालिसिस, फोटोइलेक्ट्रोकैटालिसिस और बायोकैटालिसिस तकनीकों के जरिये कार्बन डाइऑक्साइड को उपयोगी उत्पादों में बदलने और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान तलाशने पर काम किया है। मनीषा के सात शोध एवं समीक्षा पत्र अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों से जुड़े जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध कार्य प्रो. संजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में पूरे हुए।
विज्ञापन
कुलपति ने दी बधाई, युवाओं को प्रशिक्षित करने का संदेश
मनीषा शर्मा ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से मुलाकात कर प्राग में पीएचडी के लिए चयन और अपनी शोध यात्रा की जानकारी साझा की। कुलपति ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यूरोप में उच्च शिक्षा और शोध का अनुभव हासिल करने के बाद वह भारत लौटकर युवा पीढ़ी को प्रशिक्षित करें और देश के शिक्षा एवं शोध क्षेत्र में योगदान दें। इस दौरान शोध निदेशक प्रो. बीर पाल सिंह, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. अनुज कुमार, प्रो. अनिल मलिक सहित अन्य संकाय सदस्यों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ की बेटी मनीषा शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के भौतिकी विभाग की पूर्व छात्रा मनीषा का चेक गणराज्य की राजधानी प्राग स्थित चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय पीएचडी शोध कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। उन्हें चार साल तक हर महीने 1.20 लाख रुपये यानी कुल करीब 58 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी।
दुनिया भर के 100 अभ्यर्थियों के बीच तीन चरणों की चयन प्रक्रिया पूरी कर भारत से अकेली चयनित होने वाली मनीषा की सफलता से विश्वविद्यालय में खुशी है। मनीषा की सफलता में पर्यावरण संरक्षण पर किया गया शोध अहम रहा। उन्होंने वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम करने और उसे उपयोगी रासायनिक उत्पादों के साथ यूरिया में बदलने की संभावनाओं पर काम किया है। उनके इस शोध प्रोजेक्ट ने चयन प्रक्रिया के तीसरे चरण में दावेदारी को मजबूती दी। इसका उद्देश्य हानिकारक उत्सर्जन कम करने के साथ ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के वैज्ञानिक समाधान तलाशना है।
विज्ञापन
तीन तकनीकों से तलाशेंगी ऊर्जा के विकल्प
मनीषा ने फोटोकैटालिसिस, फोटोइलेक्ट्रोकैटालिसिस और बायोकैटालिसिस तकनीकों के जरिये कार्बन डाइऑक्साइड को उपयोगी उत्पादों में बदलने और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान तलाशने पर काम किया है। मनीषा के सात शोध एवं समीक्षा पत्र अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों से जुड़े जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध कार्य प्रो. संजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में पूरे हुए।
विज्ञापन
कुलपति ने दी बधाई, युवाओं को प्रशिक्षित करने का संदेश
मनीषा शर्मा ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से मुलाकात कर प्राग में पीएचडी के लिए चयन और अपनी शोध यात्रा की जानकारी साझा की। कुलपति ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यूरोप में उच्च शिक्षा और शोध का अनुभव हासिल करने के बाद वह भारत लौटकर युवा पीढ़ी को प्रशिक्षित करें और देश के शिक्षा एवं शोध क्षेत्र में योगदान दें। इस दौरान शोध निदेशक प्रो. बीर पाल सिंह, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. अनुज कुमार, प्रो. अनिल मलिक सहित अन्य संकाय सदस्यों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।