इंटीग्रेटेड डेवलेपमेंट प्लान की समीक्षा: सीएम योगी बोले-खेल, शिक्षा, संस्कृति और व्यापार का मॉडल बनेगा मेरठ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डेढ़ माह बाद खुद आकर मेरठ में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने ने कहा कि मेरठ को खेल, शिक्षा, संस्कृति और व्यापार की प्रेरणादायी नगरी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ स्वतंत्रता संग्राम से लेकर औद्योगिक विकास तक की यात्रा में एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। खेल उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता के कारण यह शहर विशेष पहचान रखता है।
शहर की भीड़भाड़ और यातायात कंजेशन को दूर करने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण और नगर निगम को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। साथ ही कहा कि सीवर निस्तारण के लिए एसटीपी अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन ड्रेनेज को प्राकृतिक व्यवस्था से जोड़ना अधिक प्रभावी होगा।
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कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद व मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर में ढांचागत सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के लिहाज से बनाए गए इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान को अल्प अवधि में विकसित करने की योजना है। कम अवधि के विकास कार्यों को विभागों की सहमति के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय पार्कों का रखरखाव बेहतर हो और संजय वन तथा विक्टोरिया पार्क जैसे स्थलों को जीवंत बनाया जाए। उन्होंने मेरठ मंडपम के निर्माण को आयोजनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्थल नगर को सांस्कृतिक गतिविधियों की नई पहचान देगा।
कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा वेस्टर्न रिंग रोड
रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 52 किलोमीटर लंबी वेस्टर्न रिंग रोड तथा वेदव्यासपुरी से लोहियानगर तक के इनर रिंग रोड को सुगम कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। अबू नाला प्रथम की पटरी पर प्रस्तावित आंतरिक रिंग रोड, क्षेत्रीय संपर्क मार्ग, मेरठ–परिक्षितगढ़ मार्ग, दौराला–मसूरी, रोहटा और गढ़ रोड जैसे मार्गों के चौड़ीकरण की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
स्मार्ट रोड में परिवर्तित होंगी प्रमुख सड़कें
मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि सीएम ग्रिड मेरठ योजना के अंतर्गत नगर की प्रमुख सड़कों को स्मार्ट रोड में परिवर्तित किया जाएगा। इनमें भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, एलईडी लाइट, फुटपाथ और संकेत व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पूर्ण नगर को अतिक्रमण मुक्त करके उसे आकर्षक स्वरूप में विकसित किया जाए, और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अनधिकृत निर्माण न हो।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ यूटिलिटी डक्ट भी तैयार हों ताकि बार-बार सड़कों की खुदाई न करनी पड़े। ड्रेनेज और सीवरेज प्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या घनत्व में वृद्धि और बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप जल प्रबंधन की योजनाएं वैज्ञानिक व तकनीकी दृष्टिकोण से तैयार की जानी चाहिए।
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मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान का प्रजेंटेशन दिया गया। प्रस्तावों को समय अवधि के आधार पर बांटकर अल्प अवधि के कार्य विभागों के साथ समन्वय करके शुरू किए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों से भी वार्ता की जाएगी। पूरा प्लान फाइनल होने के बाद मुख्यमंत्री के मेरठ आकर इसे मूर्तरूप देने की संभावना है।
ज्वेलरी हब किया जाएगा विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ में परंपरागत रूप से आभूषण निर्माण का कार्य होता रहा है। इस पारंपरिक कौशल को संगठित रूप देते हुए मेरठ को ज्वेलरी हब के रूप में विकसित किया जाए। इसके अंतर्गत कारीगरों के लिए साझा कार्यस्थल, आधुनिक उपकरण, विपणन सहायता और सुरक्षा संबंधी ढांचा उपलब्ध कराया जाए। मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि वेदव्यासपुरी में 32 हजार वर्ग मीटर फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्पलेक्स के जरिए सर्राफा कारोबार को पंख लगेंगे। इसके लिए सर्वे हो चुका है और अब कीमत को लेकर व्यापारियों से दूसरे चरण की वार्ता होगी।
एक वर्ष में पूरी करनी हैं 41 परियोजनाएं
93 परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक चरणों में विभाजित किया गया है। 41 परियोजनाएं एक वर्ष के भीतर पूरी की जानी हैं। जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में मेरठ की आबादी लगभग 23 लाख थी, जो 2041 तक बढ़कर 33.52 लाख होने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना को देखते हुए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करना अनिवार्य है।