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Meerut: टॉफी के लिए पैसे मांगे तो मासूम को मारे थप्पड़, रोया तो गला दबाकर मार डाला, परिजन बोले- मार देंगे इसे

Fri, 10 Jan 2025 10:28 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 10 Jan 2025 10:28 PM IST
सार

आठ साल का लकी 28 दिसंबर को लापता हो गया था। दस दिन बाद उसका शव नाले में पड़ा मिला था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। 

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Meerut: When the insisted on money for toffee, he killed the innocent child
पकड़ा गया हत्यारोपी अंकित जैन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थप्पड़ मारने के बाद जब लकी चुप नहीं हुआ तो पड़ोसी अंकित जैन ने गला दबाकर हमेशा के लिए उसे चुप करा दिया। शव को बैग में रखकर कुएं में फेंक दिया, लेकिन हाथ से बैग वहीं गिर गया। पुलिस ने शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ दौराला शुचिता सिंह ने बताया कि 28 दिसंबर को लकी सक्सेना घर के बाहर खेल रहा था और देर रात तक भी घर नहीं पहुंचा था। 10 दिन बाद लकी का शव कुएं से बरामद किया गया। पुलिस तभी से घटना के खुलासे के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही थी। इस मामले में पुलिस ने पड़ोसी, चाचा समेत कई लोगों से पूछताछ की थी। सीओ ने बताया कि आकाश सक्सेना का भाई अनिल सक्सेना, पड़ोसी अमन जयसवाल और अंकित जैन ने उस रात शराब पार्टी की थी। अनिल सक्सेना और अमन वहां से चले गए थे। घर के बाहर ही आकाश का नौ वर्षीय बेटा लकी खेल रहा था। 
 
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बताया कि अंकित पड़ोसी बच्चों को टाफी, बिस्कुट के लिए पैसे दे दिया करता था। उस दिन भी उसने बच्चों को पैसे दिए। लकी ने भी अंकित से 50 रुपये मांगे। लेकिन, अंकित ने पैसे खत्म हो जाने की बात कही। लकी ने जिद की तो नशे की हालात में अंकित ने लकी को कई थप्पड़ मार दिए। लकी रोने लगा तो अंकित ने उसे चुप कराने का प्रयास किया। लकी के चुप न होने पर वह उसे अपने घर ले गया। सीओ ने बताया कि बच्चे के चुप न होने पर अंकित ने हंगामा होने के डर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने ऑनलाइन कंपनी के बैग में उसका शव रखकर कुंए में फेंक दिया। वह बैग नहीं फेंकना चाहता था, लेकिन उसके हाथ से बैग अचानक छूट गया और वहीं गिर गया। 

अंकित पहले ऑनलाइन कंपनी में काम करता था। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे फुटेज खंगाले तो अंकित बैग ले जाता हुआ दिखा। पुलिस ने उसे जयपुर में उसकी बहन के यहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर से मृतक लकी की कैप और जूते संदूक से बरामद कर लिए।
 
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हत्या के बाद मृतक के परिजनों के साथ घूमता रहा
लकी की हत्या के बाद अंकित मृतक के परिजनों के साथ घूमता रहा और उसकी तलाश कराने का नाटक करता रहा। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए अंकित जैन को पकड़ा था और फिर छोड़ दिया था। परिजन खुलासे के लिए एसएसपी कार्यालय भी गए थे। वहां भी आरोपी साथ था। जब लकी का शव बरामद हुआ तो अंकित ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। मोबाइल बंद करने, सीसीटीवी कैमरे में दिखाई देने पर पुलिस का शक गहरा गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया।
 

परिजनों ने थाने पर किया हंगामा
लकी हत्याकांड का खुलासा होने पर मृतक के परिजन मोहल्ले के लोगों के साथ एकत्रित होकर थाने पहुंचे। परिजनों ने आरोपी को उनके सुपुर्द करने की मांग करते हुए हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि वह ही आरोपी को गोली मारेंगे और लकी को इंसाफ दिलाएंगे। थाना प्रभारी मुनेश सिंह ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।

 
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