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Meerut Weather Today: हवा की रफ्तार थमी, गर्म होने लगा दिन का मौसम, सुबह-शाम की सर्दी भी हुई कम
Tue, 10 Feb 2026 12:10 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:10 PM IST
सार
मेरठ समेत वेस्ट यूपी में मौसम बदलने लगा है। दिन में तेज धूप निकल रही है। इस कारण सर्दी कम हो रही है। वहीं हवा की रफ्तार थमने से प्रदूषण का असर आने वाले दिनों में बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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धूप निकली। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले दो दिनों से हवा की रफ्तार में आई कमी के कारण दिन का तापमान बढ़ रहा है। सुबह-शाम की ठंडक कम हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवा की गति कम रहने से वातावरण में धूल और धुएं के कण ठहर सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका है।
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मंगलवार को मेरठ में सुबह से ही तेज धूप निकली और हवा की रफ्तार लगभग थम गई। इसके परिणामस्वरूप, दिन में मौसम अचानक गर्म महसूस होने लगा। तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो कि सामान्य से अधिक है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, आगामी दिनों में भी हवा की गति इसी तरह धीमी रहने की संभावना है।
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प्रदूषण का खतरा और फसलों पर असर
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम. शमीम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हवा की रफ्तार कम होना और तापमान का तेजी से बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि हवा के शांत रहने से वातावरण में मौजूद धूल और अन्य प्रदूषक कण आसानी से नहीं फैल पाते और एक ही जगह ठहर जाते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम. शमीम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हवा की रफ्तार कम होना और तापमान का तेजी से बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि हवा के शांत रहने से वातावरण में मौजूद धूल और अन्य प्रदूषक कण आसानी से नहीं फैल पाते और एक ही जगह ठहर जाते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
डॉक्टर शमीम ने इस बदलाव का फसलों पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव की ओर भी इशारा किया। उन्होंने विशेष रूप से गेहूं की फसल के लिए चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि यदि मौसम इसी तरह गर्म बना रहा, तो गेहूं की फसल के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की गतिविधियों पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार अपनी कृषि पद्धतियों में बदलाव करें।