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Meerut: अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं मलियाना दंगे के पीड़ित, बोले-हाईकोर्ट में अपील करेंगे, कमेटी बनेगी

Mon, 03 Apr 2023 03:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 03 Apr 2023 03:11 PM IST
सार

मलियाना दंगे को 36 साल पूरे होने जा रहे हैं। दंगे के 39 आरोपियों के बरी होने के फैसले से दंगा पीड़ित परिवारों में मायूसी है। उनका कहना है कि वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे और चंदा एकत्र कर केस की पैरवी करेंगे।

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Meerut: Victims of Maliana riots not satisfied with the court decision,  will appeal in the High Court
मलियाना दंगा पीड़ित - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मलियाना दंगे को 36 साल पूरे होने जा रहे हैं। दंगे के 39 आरोपियों के बरी होने के फैसले से दंगा पीड़ित परिवारों में मायूसी है। उनका कहना है कि इस नरसंहार के बाद कोर्ट से ही न्याय की उम्मीद थी, लेकिन जो फैसला आया है, वे उससे सहमत नहीं हैं। वहीं, कोर्ट के फैसले को लेकर मलियाना के शेखान चौक पर दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। आगामी रणनीति को लेकर मंथन चलता रहा। आखिर में दंगा पीड़ित कुछ लोगों ने निर्णय लिया कि इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।

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दंगा पीड़ित नौशाद अली ने बताया कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें दंगा पीड़ित परिवारों को शामिल किया जाएगा। कमेटी के साथ पूरी घटना और फैसले पर मंथन किया जाएगा। इसके बाद पांच अधिवक्ताओं का पैनल लिया जाएगा। इसमें हाल ही में केस की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अलाउद्दीन सिद्दीकी भी शामिल रहेंगे। सभी तथ्यों के साथ हाईकोर्ट में अपील कर न्याय की गुहार लगाई जाएगी। उम्मीद है कि हाईकोर्ट से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
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चंदा इकट्ठा कर करेंगे केस की पैरवी 
कुछ लोगों ने यह भी तय किया कि दंगा पीड़ितों की कमेटी में गांव में रहने वाले लोगों के अलावा उन्हें भी शामिल किया जाएगा जो दंगे के बाद पलायन कर चुके हैं। उनसे फोन पर संपर्क किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो उनके घर जाकर संपर्क किया जाएगा। सभी मिलकर केस लड़ेंगे। हाईकोर्ट में पैरवी के दौरान जो भी खर्च होगा वह कोई एक व्यक्ति नहीं देगा। जरूरत के हिसाब से चंदा इकट्ठा किया जाएगा। 

कोर्ट को फाइल पर जो तथ्य मिले उसके हिसाब से फैसला सुनाया गया है, लेकिन इस प्रकरण में कई और तथ्य थे। जिस व्यक्ति को गोली लगी थी, उसने भी बयान दिए थे। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायलों की रिपोर्ट भी फाइल पर थी। मैंने अभी कोर्ट का फैसला नहीं पढ़ा है। फैसले की काॅपी लेकर उस पर मंथन किया जाएगा। मलियाना के लोग तय करेंगे कि आगे क्या करना है। अगर वह हाईकोर्ट में अपील करने के लिए कहेंगे तो पूरी मजबूती के साथ पैरवी की जाएगी। - अलाउद्दीन सिद्दीकी, दंगा पीड़ितों के अधिवक्ता

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