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Meerut: अधिवक्ता को पता भी नहीं चला और उनके नाम से फर्जी कंपनी बनाकर हो गया 43.42 करोड़ का कारोबार
Mon, 23 Sep 2024 05:29 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 23 Sep 2024 05:29 PM IST
सार
मेरठ में एक अधिवक्ता ने जब इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पोर्टल खोला तो पता चला कि उनके नाम से किसी ने फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का कारोबार कर रखा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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Cyber Crime
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
अधिवक्ता के पैन कार्ड पर साइबर अपराधियों ने फर्जी जीएसटी नंबर पंजीकृत करा लिया। उनकी आईडी पर फर्जी कंपनी चलाकर 43.42 करोड़ की खरीद-फरोख्त की। अधिवक्ता ने ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के पूर्वा इलाही बख्श निवासी मोहम्मद समीर अधिवक्ता हैं। थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मोहम्मद समीर ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न भरवाने के लिए आयकर पोर्टल खोला तो पता चला कि उनके पैन कार्ड पर दो जीएसटी नंबर पंजीकृत हैं। किसी व्यक्ति ने एमएस ओवरसीज और एमएस ट्रेडर्स नाम की फर्म से 43.42 करोड़ की खरीद-फरोख्त कर रखी है।
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उन्होंने जीएसटी पोर्टल पर दोनों नंबरों की रिपोर्ट कर दी। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति उनकी आईडी से फर्जी कंपनी चला रहा है। समय रहते जीएसटी नंबरों को बंद नहीं किया गया तो वह उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने एडीजी, डीएम, एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों से भी शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।