Meerut: नई टाउनशिप के लिए कब्जा ले रही टीम, लगाए जा रहे पिलर, 31 जोन बनाकर होगा विकास
मेरठ शहर में नई टाउनशिप के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने कब्जा लेना शुरू कर दिया है। कब्जे वाले स्थानों पर पिलर लगाए जा रहे हैं। टाउनशिप के लिए करीब सात करोड़ रुपये से 112 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो गई है।
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दिल्ली रोड पर मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप में खरीद के साथ ही कब्जा ले रहा है। टाउनशिप को 31 जोन में विकसित किया जाएगा, जो एनसीआर का केंद्र होगी। इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये से 112 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो गई है।
इसमें आईटी सेक्टर भी होगा। हाइवे के साथ ही कुछ ग्रामीण इलाकों में फीडर मार्ग से कनेक्टिविटी होगी। शताब्दीनगर योजना में 610 एकड़ भूमि पर मेडा किसानों के विरोध के चलते आज तक कब्जा नहीं ले पाया है। ऐसे में इस टाउनशिप में पूरा एहतियात बरता जा रहा है। माना जा रहा है कि जुलाई से प्लॉटिंग शुरू की जाएगी।
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मेडा पहले फेज के अंतर्गत 142 हेक्टेयर में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करेगा। टाउनशिप जहां विकसित की जाएगी वहां स्पेशल डवलपमेंट एरिया (एसडीए) प्रस्तावित है। एनसीआरटीसी ने यहां मिश्रित भू उपयोग रखा गया है। यहां रिहाइश के साथ ही औद्योगिक गतिविधियां भी होंगी। मेरठ साउथ स्टेशन पर रैपिड और मेट्रो दोनों ही ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी।
रैपिड लगातार चल रही है। यहां से ट्रेन बदलकर आसानी से सफर किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां बस टर्मिनल भी बनाया जाएगा, जिसका काम जल्द शुरू होने की संभावना है। दिल्ली रोड पर बनने वाली यह टाउनशिप शहर के एक छोर पर होगी, जहां से गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली, फरीदाबाद आदि पहुंचना आसान होगा। इसी के साथ यहां न केवल लोग रहेंगे बल्कि उद्योग भी चलेंगे।
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दूसरी ओर इस टाउनशिप की खासियत होगी कि शहर के साथ ही आसपास के जनपदों से भी यहां आना-जाना बेहद आसान होगा। आरआरटीएस स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, मोहिउद्दीनपुर स्टेशन की दूरी यहां से महज डेढ़ किमी. रहेगी।
सिटी स्टेशन से दस और परतापुर से चार किमी. की दूरी रहेगी। ऐसे में यहां तैयार सामान को बाजार भी सुलभता से मिलेगा। वहीं शताब्दीनगर से मोदीपुरम तक रैपिड का ट्रायल लगातार चल रहा है।
दिल्ली व जेवर से कनेक्टिविटी से दुनियाभर में सामान निर्यात किया जा सकेगा। हाइवे के साथ ही परतापुर, गगोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भी फीडर मार्ग के जरिए टाउनशिप जुड़ेगी। अभी तक शासन इस टाउनशिप के लिए 850 करोड़ रुपये जारी कर चुका है।
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने बताया कि 112 हेक्टेयर जमीन खरीद हो चुकी है और तार लगाकर जमीन पर कब्जा लिया जा रहा है। सहायक अभियंता पवन भारद्वाज ने बताया कि भूमि पर फसल खड़ी होने पर किसानों को काटने का समय दिया जाता है। इसके बाद ट्रैक्टर चलाकर और तारबंदी करके कब्जा ले रहे हैं।