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Monad University: STF ने निकाली खातों की कुंडली, एक लाख डिग्री बना दीं फर्जीं; जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
Fri, 23 May 2025 12:42 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 23 May 2025 12:42 AM IST
सार
Meerut News: साल 2024 में पुलिस ने तीन लोगों के बैग से 140 फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे, जिनमें मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ की आठ मार्कशीट भी थीं। तभी से जांच चल रही है।
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मोनाड यूनिवर्सिटी मामला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
Monad University Case: मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ में फर्जी अंकपत्र, डिग्री के मामले में विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन और बाइक बोट घोटाले के आरोपी विजेंद्र सिंह के बैंक खातों की भी कुंडली एसटीएफ की टीम खंगाल रही है। एसटीएफ बिजेंद्र के खातों को भी फ्रीज करा रही है ताकि कोई लेन-देन न हो सके।
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मोनाड विवि के अलावा एसवीएस कालेज का भी सर्वर एसटीएफ टीम जल्द कब्जे में लेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की एसटीएफ लखनऊ की जांच में सामने आया है कि एक लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री बनाई गई हैं।
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आठ नवंबर 2024 को कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों के बैग से 140 फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे, इसमें मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ की आठ मार्कशीट शामिल थीं। समय-समय पर दूसरे राज्यों की टीम भी यहां जांच के लिए आती रही हैं। कुछ दिन पहले ही गुजरात की एक टीम भी यहां आई थी और कई दिन तक रुककर जांच की थी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि फर्जी मार्कशीट का यह जाल दूसरे प्रदेशों तक फैला हुआ है। मोनाड विश्वविद्यालय को यूजीसी से मान्यता है। छात्रवृत्ति घोटाले के बाद इसे बाइक बोट के आरोपी विजेंद्र सिंह ने खरीद लिया था। करीब ढाई साल से नया प्रबंध तंत्र कार्य कर रहा है।
करीब 58 एकड़ में फैले विश्वविद्यालय प्रांगण में इस सत्र में छह हजार से अधिक छात्र फार्मेसी, इंजीनियरिंग, मानविकी, प्रबंधन, कानून, कृषि, यूजी-पीजी और डाक्टरेक्ट कार्यक्रम में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
एसटीएफ की जांच में आया है कि बिजेंद्र सिंह ने अपनी करोड़ों रुपये की रकम को 20 से ज्यादा कंपनी में इंवेस्ट किया हुआ है। उन सभी कंपनी के बारे में जानकारी भी एसटीएफ ने जुटा ली है। उन सभी खातों को भी एसटीएफ फ्रीज कराएगी। इसके साथ ही मोनाड विवि और एसवीएस कालेज मवाना के खातों को भी फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरु कर दी है।
एसटीएफ ने पूछताछ के बाद परीक्षा प्रभारी समेत दोनों को छोड़ा
अवैध तरीके से परीक्षा कराने के आरोप में पकड़े परीक्षा प्रभारी समेत दोनों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो विवि से साक्ष्य मांगे गए थे, वह उन्होंने मुहैया करा दिए हैं। इसके बाद उनको परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।बिजनौर के देहरादून रोड पर चंदक में एक कॉलेज है। कुछ समय पहले मेरठ के एक प्राइवेट विवि ने इसे खरीदा है। बुधवार को दूसरी पाली में एग्जाम कराने के बाद छात्रों की कापी एक गाड़ी में भरकर विवि ले जा रहे थे। एसटीएफ ने छापा मारकर सभी एग्जाम कापी कब्जे में ले ली थी। इस मामले में एसटीएफ ने विवि के परीक्षा प्रभारी समेत दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि जांच में जो साक्ष्य विवि से मांगे गए, वह उन्होंने मुहैया करा दिए।