Meerut: शंकराचार्य बोले- लव जिहाद पर संघ और भाजपा की दोहरी नीति, सांसद ने किया तीखा पलटवार
Meert News : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लव जिहाद पर बड़ा बयान दिया है। वहीं, विरोध करने पर शंकराचार्य भाजपा नेता पर भड़क गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे भाजपा सांसद ने विवाद के बारे में पूछा तो शंकराचार्य उन पर भी भड़क गए। इस दौरान दोनों के बीच खूब तीखी बहस हुई।
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ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बुधवार को आरएसएस और भाजपा को आड़े हाथों लिया। लव जिहाद के लिए कानून बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा और संघ दोहरी नीति अपना रहे हैं। संघ के महानगर संघचालक विनोद भारती ने इस पर विरोध जताया तो शंकराचार्य और भड़क गए। उन्होंने कहा कि संघ धर्म सत्ता पर हावी होना चाहता है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गढ़ रोड स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान लव जिहाद के मुद्दे पर कानून बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, कानून बनाने से क्या होगा ? किशोर-किशोरियों के तय दायरे खत्म होते जा रहे हैं। विवाह की आयु सीमा बढ़ा दी गई है। प्यार पनपेगा तो कानून कुछ नहीं कर पाएगा। इस पर सरकार के लोगों की ही दोहरी नीति है।
कहा कि एक तरफ तो इसका विरोध करते हैं, दूसरी तरफ वरिष्ठ संघ प्रचारक की बेटी की शादी में आशीर्वाद देने भाजपा के दिग्गज नेता पहुंचते हैं। उनका इशारा फरवरी 2019 में लखनऊ में हुई भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री संगठन की भतीजी की शादी से था। यह शादी मुस्लिम युवक से हुई थी।
इस पर वहां मौजूद महानगर संघ चालक विनोद भारती ने शंकराचार्य से इसका विरोध जताया। कहा कि रामलाल अविवाहित हैं। उनकी भतीजी की शादी हुई थी। आपको ऐसा नहीं बोलना चाहिए। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि संघियों का यही रवैया है। भतीजी भी बेटी ही होती है। हमने कुछ गलत नहीं कहा है। लोगों के हस्तक्षेप से मामला निपटा।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल बोले-हम आपको नहीं मानते संन्यासी
मेरठ महानगर संघ चालक विनोद भारती से हुई गहमागहमी शांत हुए 10 मिनट ही हुए थे कि भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल शंकराचार्य से मिलने पहुंच गए। सांसद ने विवाद के विषय में बात करनी चाही तो शंकराचार्य उन पर भी नाराज हो गए। बोले, आप भी संघ से हैं क्या? मुझे आपसे नहीं मिलना। इस पर बौखलाए सांसद ने कहा, आप बताएं आपने राष्ट्र के लिए क्या किया है? हम भी आपको सन्यासी नहीं मानते।
तीखी बहस के बीच शंकराचार्य के सेवक और समर्थक सांसद को जबरन बाहर ले गए। शंकराचार्य भी वहीं से जाने लगे। उन्होंने कुछ लोगों से कहा, मुझे उंगली दिखा रहे हैं। इस तरह अपमान के लिए न बुलाएं । आरएसएस के लोग खुद को धर्माचार्यों से भी बड़ा धर्माचार्य मान रहे हैं। हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा पर हावी होना चाहते हैं। उनको पैदा हुए अभी सौ साल भी नहीं हुए हैं और ढाई हजार साल पुरानी शंकर परंपरा के शंकराचार्य से पूछते हैं कि तुमने राष्ट्र और संस्कृति के लिए क्या किया है ?
कांग्रेस का वार शंकराचार्य सर्वोच्य पद, सांसद भूले
पूज्य शंकराचार्य हिंदू धर्म में सर्वोच्च पद पर हैं। अहंकार में डूबे भाजपा सांसद और संघ पदाधिकारियों ने पूज्य शंकराचार्य से बहस कर समस्त हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान किया है। -अभिमन्यु त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी
मैं तो दर्शन के लिए पहुंचा था। लेकिन, शंकराचार्य का व्यवहार पूरी तरह अमर्यादित था। ऐसा व्यक्ति संन्यासी नहीं हो सकता। उनके सेवकों ने अभद्र व्यवहार किया। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद, मेरठ