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मेरठ-सहारनपुर MLC चुनाव: शिक्षक सीट पर 57.64% और स्नातक पर 35.81% मतदान, 2020 के मुकाबले दोनों सीटों पर गिरावट

Sat, 24 Oct 2026 12:01 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 24 Oct 2026 12:01 PM IST
सार

मेरठ-सहारनपुर खंड एमएलसी चुनाव में शिक्षक सीट पर 57.64% और स्नातक सीट पर 35.81% मतदान हुआ। दोनों सीटों पर 2020 के मुकाबले वोटिंग घटी। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

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Meerut-Saharanpur MLC Polls: Teacher Seat Records 57.64% Turnout, Graduate Seat 35.81%; Counting on October 27
मतदान केंद्र पर मतदान के बाद चिन्ह दिखाते मतदाता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक व स्नातक एमएलसी सीटों के लिए शुक्रवार को दोनों मंडलों के नौ जिलों में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। दोनों सीटों के 18 उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। मतदान केंद्रों से मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में बने स्ट्रांग रूम में रखवाया गया। 

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मतगणना 27 अक्तूबर को होगी। इस चुनाव में 2020 के मुकाबले मतदान प्रतिशत में थोड़ी कमी आई। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक हुए मतदान में शिक्षक सीट पर 57.64 प्रतिशत और स्नातक सीट पर 35.81 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2020 में हुए चुनाव में शिक्षक सीट पर 62.60 प्रतिशत और स्नातक सीट पर 42.86 प्रतिशत मतदान हुआ था।
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शिक्षक सीट पर मतदाता बढ़ने के बाद भी घटा मतदान प्रतिशत 
मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में शिक्षक सीट पर 121 मतदान केंद्रों पर 130 बूथ बनाए गए जबकि स्नातक सीट के लिए 127 मतदान केंद्रों पर 382 बूथ बनाए गए। शिक्षक सीट पर दस और स्नातक सीट पर आठ प्रत्याशी मैदान में रहे। शिक्षक सीट पर 54,525 और स्नातक सीट पर 1,28,595 मतदाता हैं। 2020 के चुनाव में शिक्षक सीट पर 33,040 और स्नातक सीट पर 2,00,097 मतदाता थे।
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इस बार शिक्षक सीट पर मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बाद भी मतदान प्रतिशत कम हो गया। इसी तरह स्नातक सीट पर मतदाता घटने के साथ ही मतदान प्रतिशत भी घट गया। मेरठ जिले में स्नातक के लिए 31 मतदान केंद्रों के 77 बूथों पर 15,510 और शिक्षक सीट पर 30 मतदान केंद्रों पर 77 बूथों पर 6,677 मतदाता पंजीकृत रहे। निर्वाचन अधिकारी मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी लगातार चुनावी प्रक्रिया का जायजा लेते रहे।

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चुनाव मैदान में हैं ये उम्मीदवार
शिक्षक सीट पर भाजपा उम्मीदवार व वर्तमान एमएलसी श्रीचंद शर्मा, सपा उम्मीदवार डॉ. नितिन तोमर, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के डॉ. सुशील पुंडीर, ठकुराई गुट के सुशील चौधरी, कुलदीप मलिक, तनुज गंभीर, स्वराजपाल, बाकिर हुसैन, पंकज कुमार, सुशील, हरकेश सिंह चुनाव मैदान में है।

इसी तरह से स्नातक सीट पर भाजपा के उम्मीदवार व वर्तमान एमएलसी दिनेश गोयल, सपा के प्रमेन्द्र भाटी एडवोकेट, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के अमित कुमार जैन, ठकुराई गुट के राहुल कुशवाहा, विक्रांत वशिष्ठ एडवोकेट, विजय कुमार त्यागी, दुष्यंत, मोहम्मद अकरम रजा चुनाव मैदान में हैं।

मेरठ-सहारनपुर सीट का मतदान (प्रतिशत में)

जिला

शिक्षक सीट (%)

स्नातक सीट (%)

सहारनपुर

63.13

36.14

मुजफ्फरनगर

65.49

45.46

शामली

78.26

61.95

मेरठ

50.79

35.29

बागपत

57.83

45.68

गाजियाबाद

55.89

26.76

हापुड़

61.78

32.69

बुलंदशहर

61.22

39.00

गौतमबुद्धनगर

52.71

35.31

कुल

57.64

35.81


घटे मतदान प्रतिशत ने बढ़ाई भाजपा, सपा व शिक्षक संगठनों की परेशानी
शिक्षक व स्नातक सीट पर मतदान कम होने से भाजपा, सपा और शिक्षक संगठनों की परेशानी बढ़ गई है। शिक्षक सीट पर 2020 के मुकाबले मतदान कम होने से उम्मीदवार परेशान है। 2020 के 33040 मतदाताओं के मुकाबले 2026 में शिक्षक सीट पर वोटरों की संख्या बढ़कर 54525 हो गई। जबकि मतदान 2020 के 62.60% के मुकाबले घटकर 57.64% रह गया।

स्नातक सीट पर मतदाता भी घटे और मतदान प्रतिशत भी 2020 के चुनाव के मुकाबले और कम हो गया। 2020 में स्नातक सीट पर 200097 मतदाताओं थे, जो 2026 में घटकर 128595 रह गए। 2020 में इस सीट पर 42.86% मतदान हुआ था, जबकि 2026 में यह घटकर 35.81 प्रतिशत ही रह गया। 

मतदान में अव्वल रहा शामली जिला
मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव में शुक्रवार को मतदान का उतार-चढ़ाव दिनभर चलता रहा। शिक्षक सीट पर सबसे कम 52.71 प्रतिशत मतदान गौतमबुद्धनगर जिले में हुआ।
 जबकि सबसे अधिक 78.26 प्रतिशत मतदान शामली जिले में हुआ। स्नातक सीट पर सबसे अधिक 61.95 प्रतिशत मतदान भी शामली जिले में हुआ। जबकि सबसे कम 26.76 प्रतिशत मतदान गाजियाबाद जिले में हुआ। मेरठ जिले में स्नातक सीट पर 35.29 प्रतिशत व शिक्षक सीट पर 50.79 प्रतिशत मतदान ही हो पाया।

एमएलसी चुनाव में सभी नौ जिलों में सुबह से ही मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा। मतदान केंद्रों पर बैठे मतदान अधिकारी लगातार मतदाताओं के आने का इंतजार करते रहे। इसका परिणाम यह रहा कि शाम चार बजे तक मतदान पिछले चुनाव के मुकाबले भी घट गया। सुबह दस बजे शिक्षक सीट पर 11.07 व स्नातक सीट पर 8.47 प्रतिशत मतदाता ही वोट डालने पहुंचे। दोपहर 12 बजे इसमें थोड़ी सी बढ़ोतरी हुई। 

शिक्षक सीट पर 32.44 प्रतिशत और स्नातक सीट पर 18.12 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद दो बजे शिक्षक सीट पर मतदान प्रतिशत बढ़कर 46.66 और स्नातक सीट पर 30.38 तक पहुंचा। मतदान समाप्त होने तक भी इसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो पाई। शिक्षक सीट पर 57.64 व स्नातक सीट पर 35.81 प्रतिशत वोट पड़े।

एक ही मतदाता के अलग-अलग मतदान केंद्र
एमएलसी चुनाव के वोट बनाने और मतदान केंद्र तय करने में बड़ी गड़बड़ी हुई। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक ही व्यक्ति की शिक्षक व स्नातक सीट की वोट अलग-अलग मतदान केंद्रों पर भेज दी गई।

राजेश त्यागी की शिक्षक वोट गढ़ रोड स्थित डॉ. अंबेडकर डिग्री कॉलेज में थी, जबकि स्नातक वोट आवास एवं विकास परिषद कार्यालय शास्त्रीनगर में थी। जागृति विहार, इंदिरा नगर ब्रह्मपुरी और शास्त्रीनगर के कई मतदाताओं के केंद्र भी बदले गए। पंडित बख्शीदास इंटर कॉलेज जाहिदपुर के शिक्षक अनिल कुमार की शिक्षक वोट कटी पाई गई। उनकी स्नातक वोट दिल्ली रोड स्थित मेरठ ब्लॉक परिसर में पहुंची थी। कई अन्य मतदाताओं ने भी ऐसी ही शिकायतें कीं।

वोटर बूथ पर लाने को भाजपाइयों ने पसीना बहाया
एमएलसी चुनाव में भाजपा की सियासी रणनीति का असर शुक्रवार को मतदान के दौरान दिखा। विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी चुनाव को सियासी सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसी कारण मतदान से पहले चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा की लगातार बैठकें होती रहीं। गाजियाबाद में स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों की बैठक ली।

भाजपा के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि शुक्रवार को भी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदाताओं को लगातार मतदान के लिए प्रेरित करते रहे। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने गुरु नानक बालिका इंटर कॉलेज कंकरखेड़ा में अपनी पत्नी कोमल रस्तोगी के साथ मतदान किया। इसके साथ ही सहायता केंद्र पर बैठकर मतदाताओं की सहायता की। 

उनके साथ अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, राजकुमार मांगलिक, मनोज वर्मा, नरेंद्र राष्ट्रवादी, अमित शर्मा आदि उपस्थित रहे। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर ने गढ़ रोड स्थित डॉ. अंबेडकर डिग्री कॉलेज में बने पार्टी के सहायता केंद्र पर मतदाताओं की सहायता की और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री संजीव गोयल सिक्का भी लगातार सहारनपुर व मेरठ मंडल के जिलों में मतदान प्रक्रिया पर निगाह रखे रहे। सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी स्वयं मतदान करने के साथ ही मतदाताओं को जागरूक किया। एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने भी मतदान सहायता केंद्रों पर जाकर वोटरों को प्रेरित किया। कमलदत्त शर्मा ने भी मतदान केंद्रों का दौरा किया। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी, महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली ने डॉ. अंबेडकर डिग्री कॉलेज बने सहायता केंद्र पर मतदाताओं की सहायता की।  

सरधना में भाजपा एजेंट को पीटा
सरधना। मतदान के तुरंत बाद सरधना विकास खंड कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ। बूथ 140 पर भाजपा प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट वीरेंद्र सैनी के साथ ब्लॉक परिसर के बाहर गाली-गलौज के बाद मारपीट की गई। घायल वीरेंद्र सैनी का आरोप है कि हमलावर ने उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। हमलावर के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है। सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि जाच की जा रही है। इधर,  शिक्षक-स्नातक निर्वाचन के मद्देनजर डीएम-एसएसपी, डीआईजी, कमिश्नर, एडीजी जोन ने शुक्रवार को मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।  संवाद

शिक्षकों की आवाज दबाने की कोशिश
कुछ लोग शिक्षकों की गरिमा को अपने स्वार्थ के लिए बेचकर भाजपा में शामिल हुए हैं। शिक्षा का बाजारीकरण करने वाले लोग सत्ता में हैं और नीति निर्धारक बन बैठे हैं। हम शिक्षकों को साथ लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। - डॉ. उमेश चंद त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट

नतीजों से तय होगी दलों की उपयोगिता
हमारे संगठन के कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की है। उम्मीदवारों ने मतदाताओं से लगातार संपर्क किया है। एमएलसी चुनाव के नतीजों से ही सभी दलों की उपयोगिता तय होगी। - रमेश चंद शर्मा, मंडलीय अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट

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