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मेरठ का कपसाड़ कांड: पारस सोम को बालिग मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, किशोर न्याय बोर्ड के पाले में गेंद

Wed, 11 Mar 2026 02:46 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 11 Mar 2026 02:46 AM IST
सार

Meerut News: यूपी के मेरठ में सरधना स्थित कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया गया था। आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। 

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Meerut's Kapsaad incident: Chargesheet filed in court considering Paras Som as an adult
रूबी और आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जनपद के बहुचर्चित कपसाड़ कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पारस सोम के खिलाफ मंगलवार को चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी। सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में जेल में बंद पारस को पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 का हवाला देते हुए बालिग माना है। विवेचक सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष यह चार्जशीट पेश की है। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पारस सुनीता की हत्या और रूबी के अपहरण का दोषी पाया गया है। हालांकि यह किशोर न्याय बोर्ड तय करेगा कि पारस बालिग है या नाबालिग।
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सीओ सरधना आशुतोष कुमार द्वारा की गई विवेचना में रूबी के भाई नरसी द्वारा लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में केवल बयानों को ही आधार नहीं बनाया है, बल्कि ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सर्विलांस रिपोर्ट, घटनास्थल का नक्शा और फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी शामिल किया है। 
 
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एसपी देहात अभिजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि 2015 के अधिनियम के अनुसार यदि 16 से 18 वर्ष का किशोर हत्या या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध (जिसमें 7 वर्ष से अधिक सजा का प्रावधान हो) करता है तो उसे वयस्क मानकर मुकदमा चलाया जा सकता है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत पारस सोम को बालिग मानते हुए कार्रवाई की गई है।
 
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रिमांड के बावजूद आला कत्ल की बरामदगी नहीं
पुलिस ने पारस सोम को कस्टडी रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल हथियार (आला कत्ल) बरामद करने की कोशिश की थी। हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं बलराम सोम और संजीव राणा उर्फ संजू ने दलील दी कि जिस ईख के खेत में हथियार छिपाने की बात कही गई थी, वहां से फसल कट चुकी है इसलिए बरामदगी संभव नहीं है। रविवार को हुई पूछताछ के बाद भी पुलिस को आला कत्ल बरामद करने में सफलता नहीं मिली। फिर भी अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए चार्जशीट फाइल कर दी गई।
 

किशोर न्याय बोर्ड के फैसले का इंतजार
पारस के परिजनों ने उसे नाबालिग घोषित करने के लिए एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी दी थी जिसके बाद मामला किशोर न्याय बोर्ड में चला गया। जिस पर सुनवाई चल रही है। पारस बालिग है या नाबालिग यह किशोर न्याय बोर्ड तय करेगा।

सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर गूंजा था मामला
सुनीता हत्याकांड ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल सा ला दिया था। यह मामला इतना तूल पकड़ चुका था कि इसकी गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली संसद भवन तक सुनाई दी। विपक्ष के भारी विरोध और सोशल मीडिया पर उमड़े जन-आक्रोश के बीच प्रशासन को गांव की घेराबंदी करनी पड़ी थी और विपक्षी नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।

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