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चमका मेरठ का नाम: खाड़ी देशों से अफ्रीका तक छाया मेरठ का कैरम बोर्ड, 90 करोड़ से अधिक का निर्यात

Sat, 08 Aug 2026 11:33 AM IST
Dimple Sirohi ऋषिपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
ऋषिपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 08 Aug 2026 11:33 AM IST
सार

क्रिकेट बैट और गेंद के लिए मशहूर मेरठ अब कैरम बोर्ड के निर्यात में भी अपनी पहचान बना रहा है। मेरठ से सालाना 90 करोड़ रुपये से अधिक के कैरम बोर्ड का निर्यात हो रहा है। दुबई, ओमान, कुवैत, बहरीन और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में यहां बने कैरम बोर्ड पहुंच रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, इस उद्योग से 400 से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरियां और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं।

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Meerut's Carrom Boards Go Global, Exports Cross Rs 90 Crore Annually
मेरठ में कैरम बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खेल सामानों के उत्पादन के लिए जगविख्यात मेरठ ने कैरम बोर्ड के निर्यात में खाड़ी देशों से लेकर अफ्रीका तक धाक जमा ली है। क्रिकेट बैट और गेंद ही नहीं, यहां के कैरम बोर्ड सात समंदर पार छा गए हैं। खेलनगरी से सालाना 90 करोड़ रुपये से अधिक का कैरम बोर्ड निर्यात किया जा रहा है। रेगिस्तानी देशों की चौपालों से विदेशी ड्राइंग रूम तक पहुंचे कैरम बोर्ड की मांग बढ़ रही है।

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इनडोर खेलों में कैरम की लोकप्रियता गर्म देशों में सिर चढ़कर बोल रही है। दुबई, ओमान, कुवैत, बहरीन और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में जहां धूप और चिलचिलाती गर्मी की वजह से आउटडोर गतिविधियां सीमित हो जाती हैं, वहां कैरम सबसे पसंदीदा घरेलू खेल बना है। 

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50 वर्षों से अधिक का पुराना सफर
मेरठ से कैरम बोर्ड के निर्यात का यह सफर कोई नया नहीं है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, कैरम बोर्ड का निर्माण यहां 50 वर्षों से भी अधिक समय से होता आ रहा है। समय के साथ-साथ गुणवत्ता और फिनिशिंग में हुए सुधार ने मेरठ के कैरम बोर्ड को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक विश्वसनीय बना दिया है। कोरोना के बाद से इसमें और अधिक रफ्तार बढ़ी।

 रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ के अध्यक्ष अनुज सिंघल ने बताया कि मेरठ में इस उद्योग का दायरा बहुत बड़ा है। मेरठ में छोटी-बड़ी 400 से अधिक फैक्टरी कैरम बोर्ड के निर्माण कार्य में जुटी हैं। इस पूरे कारोबार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। 

क्यों खास है मेरठ का कैरम बोर्ड
बेहतरीन फिनिशिंग और ग्लाइड: बोर्ड की सतह की चिकनाई और स्ट्राइकर की सही गति खिलाड़ियों को बेहतरीन अनुभव देती है। इसमें विदेशों की जलवायु और तापमान के अनुकूल टिकने वाली उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स और घरेलू स्तर के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने वाले बोर्ड इसमें लगाए जाते हैं। मेरठ का यह लघु और मध्यम उद्योग स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहा है। सालाना 90 करोड़ के आंकड़े को पार कर निर्यात इसकी गवाही दे रहा है।

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