हनुमान जी को लेकर नहीं थम रही बहस, अब रालोद नेता ने बताया 'त्यागी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हनुमान जी को लेकर देश में छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। हनुमान जी को कोई अनुसूचित जाति से तो कोई मुसलमान और जाट बता रहा है। वहीं अब रालोद के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह त्यागी ने हनुमान जी को त्यागी बताया है।
उन्होंने कहा कि अंजना गौतम ऋषि की बेटी थीं और उन्हीं के पुत्र हनुमान जी थे। साथ ही उन्होंने कहा कि 360 गांव हमारे गोत्र के हैं। उन्होंने हनुमान जी को त्यागी व ब्राह्मणों का वंशज बताया।
वहीं उन्होंने कहा कि इसमें कोई बहस करने की जरूरत नहीं है। यह सही है कि हनुमान जी त्यागी थे। अनुसूचित जाति, मुसलमान, जाट और ठाकुर बताने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि इन सब बातों का कोई प्रमाण नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने अलीगढ़ में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए हनुमान जी को किसान बताया था। सिंह ने कहा था कि हनुमान जी किसान थे, जिन्होंने धनी रावण के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
यूपी सरकार के मंत्री बोले- हनुमान जाट
वहीं यूपी सरकार में धार्मिक कार्य मंत्री लक्ष्मी नारायाण चौधरी ने पिछले दिनों हनुमान को जाट बता दिया था। उन्होंने कहा था कि जो दूसरों के फटे में टांग अड़ाए, वह जाट ही हो सकता है। हालांकि बयान पर हुए विवाद के बाद उन्होंने सफाई भी दी। इससे पहले बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब हनुमान को मुसलमान बता चुके हैं।
उधर, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने हनुमान को आदिवासी बता दिया था। उन्होंने कहा था कि आदिवासियों के बीच हनुमान एक गोत्र था और इसलिए वह अनुसूचित जाति से नहीं थे। उधर, बीजेपी से इस्तीफा दे चुकीं बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने पिछले दिनों विवादित बयान देते हुए यह तक कह दिया था कि भगवान हनुमान मनुवादी लोगों के गुलाम थे।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/