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अमर उजाला की खास रिपोर्ट: मनरेगा में मिला बड़ा फर्जीवाड़ा, सामने आई सच्चाई

Sat, 29 Dec 2018 06:18 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 29 Dec 2018 06:18 PM IST
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Meerut, Rigging in MNREGA, Amar Ujala's report revealed
मनरेगा में फर्जीवाड़ा

मेरठ के विकास खंड कार्यालय में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर गांव के कई लोगों को मजदूर दर्शाकर लाखों रुपए की रकम हड़प कर ली। जबकि उन्होंने कभी मजदूरी नहीं की है।

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ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने साठगांठ करते हुए फर्जी तरीके से कार्य का मस्टरोल जारी कराकर दुकानदारों तक को फर्जी मजदूर दर्शा दिया। मामले को लेकर एसडीएम सरधना से शिकायत की गई। एसडीएम ने जांच समिति गठित कर भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है। 
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सरूरपुर थाना क्षेत्र में भूनी गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर मनरेगा में मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी दिखाकर बजट हड़पने का आरोप लगा है। इसे लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी ने फर्जी मस्टरोल के मामले में खेल करते हुए गांव के कुछ ऐसे परिवारों को पकड़ा जिन्हें महज खाते से हर महीने रुपये निकालकर देने के बदले दो-चार सौ रुपये की जरूरत हो। 
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इसके बाद गांव के जंगल में मिट्टी आदि के नाम पर फर्जी मस्टरोल जारी करवाकर उस पर मनरेगा से मजदूरों द्वारा कार्य कराना दिखाकर मजदूरी की रकम का फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने चेक बनाकर सरकारी धन हजम कर लिया।

गांव के ही मनोज, उसकी पत्नी गीता, पिता नरेश, मां सुरेश, भाई राजीव और उसकी पत्नी रूबी आदि के नाम पर हर महीने रकम निकाली जा रही थी।इसके अतिरिक्त गांव के सतेंद्र, अर्जुन और सुनीता समेत तमाम ऐसे लोगों के नाम पर मनेरगा की मजूदरी की रकम हड़पी जा रही है।

वहीं, फर्जी तरीके से गांव के कुछ ऐसे लोगों को पकड़ा गया, जिन्होंने कभी मजदूरी नहीं की। ऐसे नाम पर रकम निकालकर उसे हड़प लिया गया। इस मामले के पकड़ में आने के बाद गांव की मिथलेया एवं उसके पति सुशील के नाम पर हर महीने रकम निकालकर हजम की जा रही है।

इसके अतिरिक्त गांव के एक पूरे परिवार की पुरुष व महिलाओं को मजदूर बना दिया गया। एडीओ पंचायत राजवीर सिंह का कहना है कि यदि काम में फर्जीवाड़ा पाया गया तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 

उधर, एसडीएम सरधना अमित कुमार का कहना है कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा संज्ञान में आया है। इसके लिए जांच कमेटी गठित की गई है। वह मौके पर जाकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी।

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