मेरठ: बसपा नेता के अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में शनिवार को सोनीपत हरियाणा और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुखबिर योजना के तहत स्टिंग ऑपरेशन कर गैर कानूनी तरीके से भ्रूण लिंग परीक्षण करने का भंडाफोड़ किया। परतापुर पुलिस ने बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान के साले समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में बसपा जिलाध्यक्ष, बड़ौत के डॉ. योगेंद्र पंवार और महिला भारती भी नामजद हैं। महिला अल्ट्रासाउंड की पोर्टेबल मशीन लेकर फरार हो गई है। स्टिंग के तहत दिए गए 14 हजार हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसीएमओ डॉ. प्रवीण गौतम और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनीपत डॉ. आदर्श शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सोनीपत डॉ. अरविता कौशिक ने थाना परतापुर पुलिस की मदद से मोहिउद्दीपुर में श्रवण अस्पताल के पास एक मकान में भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कराया। पकड़े गए चारों आरोपी अमित निवासी नई बस्ती, सोनू निवासी बड़ौत, सतीश निवासी लिसाड़ी और मकान मालिक मुकेश निवासी मोहिउद्दीनपुर हैं। आरोपी सतीश बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान का साला है। श्रवण अस्पताल डॉ. सुभाष का है। जिस महिला के जरिए यह स्टिंग कराया गया है, उसे पहले बड़ौत में डॉ. योगेंद्र पंवार के पास भेजा गया था। इसके बाद उसे श्रवण अस्पताल में रखा गया। अल्ट्रासाउंड के लिए उसे सामने वाले मकान में ले जाया गया। एफआईआर एसीएमओ डॉ. प्रवीण गौतम ने दर्ज कराई है। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि यह गोरखधंधा पिछले पांच-छह माह से चल रहा था।
नामजद और गिरफ्तार आरोपी
इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक ने बताया कि डॉ. योगेंद्र पंवार निवासी बड़ौत, अमित निवासी नई बस्ती, सोनू निवासी बड़ौत, सतीश निवासी ग्राम लिसाड़ी, मुकेश निवासी मोहिउद्दीनपुर, अल्ट्रासाउंड करने वाली महिला भारती, श्रवण अस्पताल के संचालक सुभाष निवासी डिंढाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश : डॉ. सुभाष
बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान का कहना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जहां छापेमारी हुई है। उस जगह से मेरा कोई लेना देना नहीं है। मेरा अस्पताल अलग है। उसमें कुछ नहीं हुआ है। तहरीर बदलकर मेरा नाम दोबारा जोड़ा गया है।
यह है मुखबिर योजना
एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर की तलाश करने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी। उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। महिला के साथ जाने वाले सहयोगी को 40 हजार रुपये दिए जाते हैं।
पांच साल तक की सजा
दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों को समान कैद और जुर्माना हो सकता है।
हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत
मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जा रहा है। सूचना मिलने पर छापामारी की जाएगी। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। मेरठ के मुकाबले हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत है, इसलिए वह इस तरह के खुलासे कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुखबिर नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन एक जुलाई 2017 से लागू हो चुकी शासन की मुखबिर योजना मेरठ में सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम परवान चढ़ा रही है। पिछले छह माह में सोनीपत की टीम ने ही यहां आकर स्टिंग कर भ्रूण लिंग परीक्षण का खुुलासा कराया है। इससे पहले मोदीपुरम और लिसाड़ी गेट क्षेत्र में खुलासा कराया गया था।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/