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चौंकाने वाला खुलासा: मनोरोग के उपचार के लिए आए 10 प्रतिशत लोगों ने आत्महत्या के बारे में सोचा, ऐसे पाएं निजात

Wed, 15 Jan 2025 10:45 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Wed, 15 Jan 2025 10:45 AM IST
सार

मेरठ के जिला अस्पताल में मानसिक रोग विभाग की एक रिपोर्ट में आत्महत्या को लेकर चाैंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विभाग ने मानसिक व मनोरोगों का उपचार कराने आए लोगों पर एक सर्वे किया जिसकी रिपोर्ट काफी चिंताजनक आई।

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Meerut Report says 10 percent of people who came for psychiatric treatment thought about suicide
आत्महत्या रोकथाम - फोटो : फ्रीपिक डॉट कॉम

विस्तार

आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिले में पिछले साल 279 लोगों ने आत्महत्या की थी। आत्महत्या को लेकर पीएल शर्मा जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की अवलोकन रिपोर्ट में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जनवरी 2024 से लेकर दिसंबर 2024 तक यहां ओपीडी में आए 17 हजार मरीजों में पता चला कि इनमें से 10 फीसदी के मन में आत्महत्या का विचार आया या आता है।

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जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि इन लोगों की काउंसिलिंग की गई। इन्हें बताया गया कि जिंदगी बहुत खूबसूरत है, लेकिन यह भी सच है कि इसमें लगातार उतार-चढ़ाव लगे रहते हैं। कई मौकों पर हम खुद को बेबस पाते हैं। ऐसे ही एक कमजोर पल में कई दफा लोग जिंदगी से मुंह मोड़ने जैसा फैसला कर बैठते हैं। आत्महत्या एक तरह से हादसा है जिसका शिकार इंसान का दिमाग हो जाता है।

मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण पाल का कहना है कि अगर किसी को खुदकुशी के विचार आ रहे हैं तो किसी करीबी से बात साझा करनी चाहिए। हेल्पलाइन या पेशेवर परामर्शदाता या मनोचिकित्सक से बात करनी चाहिए। परिवार और दोस्त आसपास रहें और उन्हें यह एहसास कराना चाहिए कि वह उस व्यक्ति से बहुत प्यार करते हैं और समझते हैं।

ऐसे करके आत्महत्या को रोका जा सकता है। लोग जिंदगी के प्रति संतुलित नजरिया रखें। अच्छा और बुरा दोनों ही जिंदगी के पहलू हैं। अपनी गलतियों से सीखें। नकारात्मक सोच को जरिया न बनाएं।

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इस तरह पाएं आत्महत्या के विचार से निजात
- इस तरह का विचार आता है तो मदद मांगने में संकोच ना करें।
- यह सोचें कि ऐसी कोई भी समस्या नहीं होती जिसका समाधान ना हो।
- अच्छा खाएं, शारीरिक व्यायाम को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
- खुलकर हंसे, मुस्कुराएं और अपनी बातों को शेयर करें।
- अपनी क्षमता के हिसाब से करियर और रिश्तों का चुनाव करें।

हर साल आठ लाख लोग करते हैं आत्महत्या
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ रवि राणा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 8 लाख लोग हर साल आत्महत्या करते हैं, यानि हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। इससे 25 गुना लोग आत्महत्या का प्रयास भी करते हैं।

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आत्महत्या के प्रमुख कारण
-गंभीर बीमारी का होना
-पारिवारिक या करीबियों से कलह
-आर्थिक कमजोरी व मानसिक विकार
-किसी भी कार्य में असफलता

आत्महत्या के लक्षण
वैसे तो आत्महत्या के कई कारण होते हैं, लेकिन अवसाद को इसका मुख्य कारण बताया जाता है। लोगों के बीच में रहने से कतराना। जिंदगी को अच्छा नहीं बताना। बात-बात में मरने की इच्छा जताना।

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