मेरठ। उत्तर प्रदेश की जनसुनवाई समाधान प्रणाली में अफसर अब लापरवाही करने लगे हैं, इसको लेकर डीएम ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। जनसुनवाई में मेरठ 75 जिलों में 52वें स्थान पर आया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और विभागीय अफसरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस की रैंकिंग घटने पर डीएम ने 19 विभाग अफसर के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बार-बार अफसरों को चेतावनी देने के बावजूद जनता की प्रत्येक शिकायत का समाधान संतोषजनक नहीं हो रहा है। मेरठ जिले का 52 वां स्थान आया है। इससे पहले मेरठ 72 वें स्थान पर था। आईजीआरएस प्रणाली के तहत प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों पर समीक्षा की जाती है। इसमें शिकायतों का समयबद्ध और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण सबसे अहम पैमाना है। बताया गया कि अगस्त माह की रैंकिंग में लखनऊ मंडल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले मंडलों में पहले स्थान पर रहा, जबकि कानपुर, आजमगढ़, मुरादाबाद और झांसी का स्थान रहा। मेरठ को भी आने वाले महीनों में शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा, जिससे जिला अपनी स्थिति में सुधार कर सके। डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि जनसुनवाई में सुधार कराने के लिए सभी विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। लापरवाही करने वाले 19 विभाग के अधिकारियों के वेतन काटने के निर्देश पांच दिन पहले दिए थे।