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Meerut News: रैंकिंग में मेरठ रेंज का दबदबा, प्रदेश में चारों जिले अव्वल
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- मार्च से लगातार तीसरी बार हासिल किया पहला स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में मेरठ रेंज ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में परचम लहराया है। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम की मई-2026 की रैंकिंग में मेरठ रेंज के चारों जिलों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि रेंज के इन जनपदों ने शत-प्रतिशत फीडिंग के साथ मार्च से लगातार तीसरी बार इस शीर्ष रैंकिंग पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि प्रदेश में 1 जुलाई 2022 से नाफिस प्रणाली के तहत अपराधियों के उंगलियों के निशानों (फिंगरप्रिंट) का डिजिटल संकलन और विश्लेषण किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से संदिग्धों और अपराधियों की त्वरित पहचान सुनिश्चित होती है, जिससे न सिर्फ मुकदमों के अनावरण में तेजी आई है, बल्कि अपराधियों की गिरफ्तारी भी आसान हुई है। मई-2026 के आंकड़ों के मुताबिक, रेंज के चारों जिलों ने अपने लक्ष्यों को 100 फीसदी पूरा किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में मेरठ रेंज ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में परचम लहराया है। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम की मई-2026 की रैंकिंग में मेरठ रेंज के चारों जिलों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि रेंज के इन जनपदों ने शत-प्रतिशत फीडिंग के साथ मार्च से लगातार तीसरी बार इस शीर्ष रैंकिंग पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि प्रदेश में 1 जुलाई 2022 से नाफिस प्रणाली के तहत अपराधियों के उंगलियों के निशानों (फिंगरप्रिंट) का डिजिटल संकलन और विश्लेषण किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से संदिग्धों और अपराधियों की त्वरित पहचान सुनिश्चित होती है, जिससे न सिर्फ मुकदमों के अनावरण में तेजी आई है, बल्कि अपराधियों की गिरफ्तारी भी आसान हुई है। मई-2026 के आंकड़ों के मुताबिक, रेंज के चारों जिलों ने अपने लक्ष्यों को 100 फीसदी पूरा किया है।
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