बुलंदशहर बवाल के बाद मीट प्लांटों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, निशाने पर 8 फैक्ट्रियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में मीट फैक्ट्रियों पर प्रशासन और अन्य विभागों की टीम लगातार छापमारी कर रही है। उधर, एमडीए (मेरठ विकास प्राधिकरण) के निशाने पर इस बार आठ मीट फैक्ट्रियां हैं। भले ही इन टीमों में एमडीए की टीम शामिल न हो पर एमडीए बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। खास तौर पर एक ऐसी बड़ी फैक्ट्री पर तगड़ी कार्रवाई की तैयारी है जिसका करोड़ों का मीट एक्सपोर्ट का कारोबार है।
मेरठ से मीट के एक्सपोर्ट का धंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। सालाना एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार फल फूल रहा है। हैरत की बात यह है कि कई मीट फैक्ट्रियां ऐसी हैं जिन पर विभिन्न विभागों की मंजूरी नहीं है। बावजूद इसके ये चल रही हैं। कोई मुर्गीदाना बनाने के नाम पर तो कोई अन्य प्रोडक्ट बनाने के नाम पर।
इनमें से अधिकतर का नक्शा एमडीए से मंजूर नहीं है। नई सरकार बनते ही ताबड़तोड़ एक ही दिन में नौ फैक्ट्रियां सील की गई थी पर उसके बाद इनकी कोई मॉनिटरिंग नहीं हुई। अब फिर से एमडीए इनकी जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है।
अमर उजाला ने इस मसले को लगातार उठाया है। म्यांमार के कारोबारी से लेकर स्थानीय खेल तक का खुलासा किया। साथ ही बुलंदशहर में हुए बवाल बाद फिर से एक बार प्रशासन सख्त हुआ है। दरअसल बुलंदशहर में गोकशी के बाद ही सारा बवाल हुआ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद कहा है कि गोकशी पर अंकुश लगाओ। साथ ही उन्होंने सभी अवैध मीट फैक्ट्रियों पर भी सख्ती करने को कहा। नतीजा, डीएम अनिल ढींगरा ने पूरी टीम बनाकर छापमारी शुरू करा दी है।
इससे पहले 22 मार्च 2017 को एडीएम, एसपी सिटी, एसपी देहात के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमडीए, अग्निशमन, पशुपालन विभाग, खाद्य सुरक्षा, पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के अलावा भारी पुलिस बल और एमडीए अधिकारियों ने मीट प्लांटों पर छापे मारे थे। छह घंटे की सघन चेंकिग के दौरान टीमों ने नौ बूचडखानों को सील किया गया था। सील की कार्रवाई उस समय भी एमडीए की ही टीम ने की थी।
आधा दर्जन मीट प्लांटों पर फिर छापेमारी
रविवार को भी कई विभागों की संयुक्त टीमों ने मीट प्लांटों पर छापेमारी की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की टीमों ने अल्लीपुर में अल अक्सा, डिप्लोमेट, फिट पैक, अल कैफ, अल आलिया, अल अखलाक, अल यासिर व अह हबीब सहित सभी मीट फैक्ट्रियों पर फिर से छापेमारी की। दोबारा से जिनमें मीट से संबंधित सामान मिला उनके नमूने लिए। वहीं, इस मामले में कोई अधिकारी कुछ कहने से मना कर रहे हैं।
शनिवार को करीब दो दर्जन मीट फैक्ट्रियों, रैंडरिंग प्लांट व मुर्गी दाना प्लांट पर छापेमारी की गई थी। इनमें से दो फैक्ट्रियों में पशु कटान होता मिला था। इसके अतिरिक्त सभी प्लांट मौके पर बंद मिले थे। उक्त कार्रवाई डीएम के आदेश पर की गई थी। हालांकि इस मामले में किसी भी अधिकारी ने कुछ कहने से इनकार कर दिया था।
कागजों में जो मीट फैक्ट्रियां बंद थीं उनकी चिमनियां धुआं उगल रही थीं। मौके पर भारी मात्रा में तैयार माल समेत चर्बी व कई प्रमाण मिले थे। छापेमारी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. योगेंद्र कुमार कई प्लांट के कागजात पूरे बताते रहे, लेकिन जब मौके पर बंद मिलीं फैक्ट्रियों के संचालन के बारे में चुप्पी साध ली थी। इन सभी प्लांटों की पशुपालन विभाग ने एनओसी से इनकार किया था। मौके पर सभी फैक्ट्रियों का संचालन बंद मिलना व सफाई मिलना बता रहा था कि छापेमारी की सूचना लीक हो गई थी।
लैंड यूज का मामला भी है अटका
रणनीति के तहत इस बार की छापमारी से एमडीए की टीम को अलग रखा गया है। यह टीम अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है। रडार पर आठ फैक्ट्रियां तो हैं ही साथ ही एक बड़ी फैक्ट्री है जिसका लैंड यूज का मामला अटका है। इसका प्रकरण खूब उछला पर एमडीए चाहकर भी इसे सील नहीं कर पाया। अब फिर से योजना बनाई जा रही है। ये सारी फैक्ट्रियां हापुड़ रोड अल्लीपुर क्षेत्र में हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/