फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut police teach students ethics in schools and colleges so thay Do not become criminals

अपराधी न बनें छात्र, पुलिस स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाएगी नैतिकता का पाठ 

Wed, 19 Dec 2018 03:07 PM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 19 Dec 2018 03:07 PM IST
विज्ञापन
Meerut police teach students ethics in schools and colleges so thay Do not become criminals
arrest - फोटो : अमर उजाला

छात्र अपराधी न बनें, इसके लिए पुलिस उन्हें स्कूल-कॉलेजों में नैतिकता का पाठ पढ़ाएगी। शिक्षकों और छात्रों के बीच संवाद कायम करने के साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इसके लिए एसपी क्राइम ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें तो उनके बड़े अपराधी बनने पर रोक लग सकती है। लेकिन कई मामलों में अभिभावकों की लापरवाही से ये छात्र बाद में अपराधी बन जाते हैं।
विज्ञापन


एसपी क्राइम डॉ बीपी अशोक का कहना है कि अपराध के कई मामलों की समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश युवा परिवार वालों की नजर बचाकर गलत कामों में पड़ जाते हैं तो कई युवा परिस्थितियों के चलते अपराध की तरफ कदम बढ़ा लेते हैं। यदि परिवार में माता-पिता, भाई या अन्य अभिभावक नजर रखें तो पता रहता है कि वह किस रास्ते पर जा रहा है और उसका क्या परिणाम हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई मामले रंजिशन भी सामने आए। जब परिवार में विवाद हुआ या पड़ोस में हुआ तो ऐसे मामलों में परिजन बदला लेने की भावना को बढ़ाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि जो मामले प्रारंभिक स्तर पर ही निपट जाने चाहिए, वह मुखर रूप ले लेते हैं और संगीन वारदात हो जाती हैं।

कई मामलों में सामने आता कि मुकदमा दर्ज होने या जेल जाने के बाद वह युवा अपने परिवार से भी नहीं डरता। छेड़छाड़, मारपीट और रंजिशन घटनाओं में परिजनों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वह युवाओं को सामने न लाएं। जो भी घटना हो उसकी सूचना पुलिस को दें। खुद कानून हाथ में लेने की कोशिश न करें।
केस -1
मवाना में एक किशोर का स्कूल में अपने दोस्त से विवाद हो गया। जिसके बाद किशोर ने घर पहुंचकर जानकारी दी। इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए थी। लेकिन किशोर ने खुद तमंचे से गोली मार ली और दूसरे साथी का नाम बताया। जांच में सामने आया कि दोस्त को फंसाने के लिए ही खुद गलत कदम उठाया।
केस -2
दौराला के एक गांव में युवक अपने परिजनों से परेशान था। मां अपने बेटे के सामने पति को भुगतने की धमकी देती थी। कई बार यह भी कहा कि इसने घर को बर्बाद कर दिया। दो माह पूर्व युवक ने अपनी मां के साथ मिलकर पिता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।

केस -3
जागृति विहार निवासी युवती से छेड़छाड़ की घटना हुई। बेटी से छेड़छाड़ के बाद मां ने बेटे को ही बदला लेने के लिए कहा। जिसके बाद युवक ने मां के कहने पर आरोपी पर चाकू से हमला कर दिया था। जानलेवा हमले में युवक को जेल जाना पड़ा।
केस -4
परीक्षितगढ़ निवासी बीए के छात्र अंकुश का पड़ोस के युवकों से विवाद हुआ। जिसके बाद युवक बदला लेने के लिए रेकी करता रहा। युवक ने दोस्तों के साथ मिलकर पड़ोसी को गोली मार दी। छात्र को जेल जाना पड़ा। बाद में छात्र का अपने भाई से भी जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। 

छात्रों को सिखाई जाएगी नैतिकता
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को उनके शिक्षकों के सामने पाठ पढ़ाया जाएगा कि किसी भी मामले में बदला लेने के लिए अपराध न करें। छोटी सी घटना से ही बड़ा अपराध पनपता है, जिसने जो घटना की है कार्रवाई के लिए पुलिस पर छोड़ देना चाहिए। अब किसी सूचना पर कंट्रोल रूम से रिकॉर्ड समय में यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच रही है।

छात्रों से अपील की जाएगी कि वे भीड़ का हिस्सा भी न बनें, क्योंकि कुछ शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। अपराध की जिम्मेदारी तय होती है तो मौके पर मौजूद रहने वाले लोग भी जिम्मेदार होते हैं। स्कूल-कॉलेजों के अलावा शहर और देहात में प्रधान और पार्षदों की सहायता से जगह-जगह बैठक कर अभिभावकों से भी अपील की जाएगी कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed