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अंधाधुंध फायरिंग: घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचा हिस्ट्रीशीटर अखलाक, चेहरे पर नहीं दिखा पुलिस का खौफ
Fri, 13 Sep 2019 11:44 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 13 Sep 2019 11:44 AM IST
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घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचा राशिद अखलाक
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के गुदड़ी बाजार में दबंगई दिखाकर अंधाधुंध फायरिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के पुलिस अफसरों के बड़े-बड़े दावे 48 घंटे बाद भी हवाई साबित हुए। बलवा और जानलेवा हमले में नामजद हिस्ट्रीशीटर राशिद अखलाक समेत सात आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश देने का दावा करती रही। वहीं, राशिद गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर अस्पताल में भर्ती दोनों घायलों से मिलने पहुंच गया। अब आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित पक्ष से समझौते का दावा किया जा रहा है।
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कोतवाली के गुदड़ी बाजार में 10 सितंबर मंगलवार को बच्चों में क्रिकेट खेलने के विवाद में बसपा के पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक, बेटे साकिब और भतीजे यासिर समेत सात लोगों ने खुलेआम गोलियां चलाई थी, जिसमें दूसरे पक्ष आशिक इलाही और अमान को गोली लगी थी। फायरिंग से शहर में अफरातफरी फैल गई। अफवाहों का बाजार गरम हो गया। लेकिन नामजद होने के बावजूद भी पुलिस राशिद, साकिब और यासिर को गिरफ्तार नहीं कर पायी। जबकि पुलिस अधिकारी रोजाना दावे कर रहे हैं कि आरोपियों की तलाश में दबिश जारी हैं। लेकिन कैसी दबिश है, इसकी पोल खुद राशिद अखलाक ने खोल दी।
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गोली से घायल दोनों लोगों को अस्पताल में देखने राशिद अखलाक पहुंच गया। यही नहीं राशिद ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से इत्मीनान से बात की। बताया कि उनका पीड़ित पक्ष से समझौता हो गया है। लेकिन गोलीबारी में इतनी जल्दी कैसे समझौता हो गया, यह सवाल सभी को हैरान कर देने वाला है। अस्पताल में मौजूद राशिद अखलाक के चेहरे पर पुलिस का कोई खौफ भी नहीं दिखाई दे रहा था। इतना ही नहीं, राशिद ने कहा कि अगर पुलिस नहीं मानी तो कोर्ट का सहारा ले सकते हैं। पीड़ित पक्ष भी राशिद के पक्ष में बोलता नजर आ रहा था।
पुलिस नहीं मानती समझौता
नामजद राशिद, साकिब और यासिर अखलाक की तलाश में पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। एसपी सिटी को टीम के साथ लगाया गया। आरोपी जेल जाएंगे, कोई बच नहीं पाएगा। गोलीबारी में पुलिस कोई समझौता नहीं मानती। - अजय साहनी, एसएसपी
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