फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Pesticide Use Poses Serious Risks to Farmers, Health Problems Reported During Spraying

मेरठ: किसानों के लिए जानलेवा बने कीटनाशक, छिड़काव के दौरान बिगड़ रही तबीयत; कैंसर समेत गंभीर बीमारियों का खतरा

Mon, 28 Sep 2026 12:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 28 Sep 2026 12:14 PM IST
सार

मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फसलों पर कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किसानों के स्वास्थ्य पर खतरे की चिंता सामने आई है। बिना सुरक्षा उपकरण छिड़काव से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

विज्ञापन
Meerut: Pesticide Use Poses Serious Risks to Farmers, Health Problems Reported During Spraying
खेत में कीटनाशक का छिड़काव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फसलों को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशकों का इस्तेमाल लगातार किया जा रहा है। खेतों में इनके छिड़काव के दौरान किसानों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। कृषि विशेषज्ञों और शोध रिपोर्टों में कीटनाशकों के संपर्क से स्वास्थ्य, मिट्टी और जल स्रोतों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।

विज्ञापन


छिड़काव के दौरान बिगड़ सकती है तबीयत
फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करने वाले किसान यदि सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उनके सीधे संपर्क में आने का खतरा रहता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, ऐसे किसानों में सिरदर्द, त्वचा में एलर्जी, आंखों में जलन, उल्टी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: मेरठ: रिमझिम बारिश से बदला मौसम, तापमान गिरने से गर्मी से मिली राहत; धान की फसल को नुकसान की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन

खेत से थाली तक पहुंच सकते हैं रासायनिक अवशेष
कीटनाशकों के इस्तेमाल से खेतों में रासायनिक अवशेष रह सकते हैं। फसलों के माध्यम से इनके खाद्य श्रृंखला में पहुंचने और मिट्टी तथा जल स्रोतों को प्रभावित करने की चिंता भी जताई जाती रही है। लंबे समय तक कीटनाशकों के संपर्क को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिमों से जोड़कर भी विभिन्न शोधों में अध्ययन किया गया है।

मित्र कीटों को भी नुकसान
खेतों में मौजूद सभी कीट फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं होते। कई मित्र कीट ऐसे होते हैं जो हानिकारक कीटों को अपना भोजन बनाकर फसलों को बचाने में मदद करते हैं। व्यापक रूप से कीटनाशकों के इस्तेमाल से इन मित्र कीटों को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे कृषि पारिस्थितिकी पर असर पड़ने की चिंता है।

कई फसलों में हो रहा इस्तेमाल
किसान फल और सब्जियों के अलावा गेहूं, धान, गन्ना, बाजरा, ज्वार और दलहनी फसलों में भी कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं। मेरठ में गन्ना, गेहूं, धान और सब्जियों की खेती बड़े स्तर पर होती है। बाजार में मुख्य रूप से कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशक, खरपतवारनाशी और फफूंदनाशक उपलब्ध होते हैं।

कुछ रसायनों पर लगाया जा चुका है प्रतिबंध
कई रासायनिक पदार्थों पर अलग-अलग स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें एल्ड्रिन, बेंजीन हेक्साक्लोराइड (बीएचसी), कार्बेरिल, डाइकॉफोल और एंडोसल्फान समेत कई रसायन शामिल हैं। कीटनाशकों का इस्तेमाल करते समय किसानों के लिए निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी है।

सुरक्षा उपकरणों का करें इस्तेमाल
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बिना सुरक्षा उपकरण के कीटनाशकों का छिड़काव करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। किसानों को छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी तरह की परेशानी होने पर समय पर उपचार लेना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed