लोकसभा चुनाव के बाद होगा मेरठ-पौड़ी मार्ग का चौड़ीकरण, ये है वर्तमान स्थिति
एनएच-119 (मेरठ-पौड़ी मार्ग) के चौड़ीकरण का काम शासन में अटक गया है। इस मार्ग का निर्माण लोकसभा चुनाव से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि एक तरफ जहां 19 में से महज तीन गांवों के किसानों को ही मुआवजा वितरण अभी तक हुआ है। वहीं, एनएच द्वारा टेंडरिंग की कार्रवाई भी शुरू नहीं की गई है।
मेरठ पौड़ी मार्ग के चौड़ीकरण के काम को लेकर उम्मीद जतायी जा रही थी कि इस पर नवंबर माह से काम शुरू हो जाएगा। लेकिन मुआवजा वितरण की पत्रावली को लेकर शासन में हो रही लेटलतीफी ने पूरा शेड्यूल बिगाड़ दिया। इस मार्ग पर मेरठ से रामराज तक चौड़ीकरण होना है। जिसके तहत 19 गांवों के एक हजार से ज्यादा किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है। इन किसानों को लगभग 350 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित होना है, लेकिन अभी तक तीन गांवों के किसानों को ही मुआवजा दिया गया है। दो गांवों के किसानों की पत्रावली हाल ही में संस्तुत होकर आई है। बाकी 14 गांवों के किसानों के मुआवजे का मामला अभी फंसा हुआ है।
एनएच 119 मेरठ से पौड़ी तक जाता है और इसकी लंबाई लगभग 100 किमी है। यह राजमार्ग फोर लेन किया जाना है, जिसमें मेरठ जनपद के सैनी गांव से लेकर फिरोजपुर तक के कुल 19 गांव आते हैं। इनमें इन दो गांवों के साथ ही इंचौली, मसूरी, बना, नंगली ईसा, मवाना खुर्द, भैंसा, सालारपुर, समसपुर, कौला कोहला, झुनझुनी, बसी वीरान, राजूपुर, फजेहपुर (हंसापुर), बहसूमा, सदरपुर, मोड़ खुर्द, सैफपुर शामिल हैं।
ये है वर्तमान स्थिति
इन गांवों में से समसपुर, झुनझुनी और सालारपुर के करीब 150 किसानों का मुआवजा वितरण हुआ है। इसके लिए शासन से 75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिसमें करीब 65 करोड़ रुपये वितरित हो चुका है।
बीच से कैसे शुरू हो काम
तकनीकी पेंच ये भी है कि मुआवजा वितरण बीच के गांवों का हुआ है। यदि मुजफ्फरपुर सैनी सहित उसके आगे के गांवों के किसानों का मुआवजा वितरण हो जाता, तो यहां पर कब्जा लेकर चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाता। लेकिन काम बीच से कैसे शुरू हो, यह भी बड़ा सवाल है।
मेरठ जनपद में इस हाईवे का 16.5 किमी से 48.275 किमी अर्थात 32 किमी का मार्ग फोर लेन होना है। यहां पर कुल 124.6009 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
नहीं हुआ टेंडर
इस मार्ग को लेकर भाजपा नेताओं का दावा था कि लोकसभा चुनाव से पहले काम शुरू करा दिया जायेगा। लेकिन चुनाव अधिसूचना मार्च में लगने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में अधिसूचना से पहले काम शुरू होना असंभव नहीं तो मुश्किल जरूर है।
टेंडर प्रक्रिया की कवायद चल रही है। लेकिन कब जारी होगा, यह कहना मुश्किल है। मुआवजा वितरण को लेकर भी बाधा आ रही है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। - डीके चतुर्वेदी जीएम, एनएचएआई
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