पिता का चेहरा देख उड़ गए बेटे के होश, सामने आई मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 07 Sep 2020 06:50 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में शव बदलने के मामले में जानकारी देते गुरुवचन के परिजन
मेडिकल कॉलेज में शव बदलने के मामले में जानकारी देते गुरुवचन के परिजन - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
गाजियाबाद जनपद में मोदीनगर के श्मशान घाट पर गुरुवचन (84 वर्ष) के अंतिम संस्कार की तैयारियां हो चुकी थीं। कोरोना पॉजिटिव होने के कारण शव पैक था। इसके बावजूद बेटे नरेश ने पिता के अंतिम दर्शन करने चाहे। उसने कोरोना का खौफ छोड़ उस बैग की चेन खोल दी, जिसमें शव पैक था। शव देखकर नरेश हैरान रह गए, वजह शव उनके पिता का नहीं था। यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज की लापरवाही का नमूना है। नियमों का उल्लंघन कर यदि नरेश पिता के शव को नहीं देखते तो मेडिकल कॉलेज के कामकाज की लापरवाही कभी भी सामने नहीं आती।
विज्ञापन

नरेश ने बताया कि पिता को पैरालिसिस हुआ था। वह निजी अस्पताल में भर्ती थे। तीन सितंबर को उन्हें कोरोना की पुष्टि हुई। उसके बाद से वह मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। शनिवार शाम सूचना मिली कि उनकी मौत हो गई है। रविवार सुबह करीब आठ बजे नरेश शव लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां सभी औपचारिकताएं पूरी कर शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे। शव पैक था। उस पर चिट लगी थी, जिसमें नाम, उम्र और पता लिखा था। पिता से अधिक स्नेह होने के कारण नरेश ने आखिरी बार दर्शन के लिए चेहरे की ओर से बैग की चेन खोल दी। चेहरा देखकर वह दंग रह गए। शव पिता का नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज फोन कर शिकायत की। 
गलती नहीं मानी, एफआईआर की धमकी दी 
कोरोना मृतकों को शव बदले जाने की पुष्टि होने के बाद भी मेरठ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती नहीं मानी। उल्टे फोन पर गुरुवचन के बेटे नरेश को धमकी दी कि आपने अंतिम संस्कार के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल को तोड़ा है। इसलिए आपके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। यह भी नहीं बताया कि जो शव गुरुवचन के बेटे को दिया गया है, आखिर वह किसका है। परिजन मेडिकल कॉलेज में बार-बार फोन कर रहे थे लेकिन उधर से यही बात कही जा रही थी कि आपने प्रोटोकॉल तोड़ा है। इसके बाद नाराज परिजनों ने मोदीनगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस की ओर से मेरठ मेडिकल कॉलेज फोन किया गया तो उन्होंने जानकारी दी कि शव मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी यशपाल का है और मोदीनगर निवासी नरेश के पिता गुरुवचन का शव गलती से यशपाल के परिजनों को दे दिया गया। 

यह भी पढ़ें: प्रेम से निकाह तक पहुंचा रिश्ता... फिर खौफनाक वारदात, दर्दनाक हैं ये दो बड़ी घटनाएं, तस्वीरें

मेडिकल कॉलेज की ओर से उसके बाद भी कोई तत्परता नहीं दिखाई गई। स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप पर यशपाल के परिजनों को नंबर दिया गया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की टीम ने कंकरखेड़ा में परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद यशपाल का बेटा वरुण शव लेने एंबुलेंस लेकर पहुंचा।  

लखनऊ तक गूंजा मामला
शवों की अदला बदली का मामला शासन तक पहुंच गया है। दिन भर लखनऊ से इस मामले को लेकर फोन घनघनाते रहे। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों और सीएमओ कार्यालय से अपडेट मांगे जाते रहे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X