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यूपी: रैपिड रेल में होगी गजब की तकनीक, खतरा देख करेगी आगाह, जानें- क्या-क्या होंगी खास विशेषताएं
Wed, 14 Jul 2021 12:51 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:51 PM IST
सार
मेरठ से दिल्ली तक चलने वाली रैपिड रेल में कई खास विशेषताएं होंगी। सबसे खास विशेषता है कि कोई भी खतरा देखते ही आगाह कर देगी।
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मेरठ: रैपिड रेल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मेरठ से दिल्ली तक चलने वाली रैपिड रेल में आईड्रीम सिस्टम लागू किया जाएगा। एएफसी सिस्टम, प्लेटफार्म स्क्रीन दरवाजे, लिफ्ट, एस्केलेटर, सिग्नलिंग, दूरसंचार, इलेक्ट्रिकल, ओएचई उपकरणों और अन्य सिविल संरचनाएं आधुनिक ‘रीयल टाइम एंटरप्राइज एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (आईड्रीम)’ से संचालित होंगी। सिस्टम के माध्यम से एनसीआरटीसी किसी भी जोखिम या कमियों की भविष्यवाणी करने, पहचानने, उसे सुधारने या दूर करने में सक्षम होगी।
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एनसीआरटीसी आईड्रीम सिस्टम का लाभ लेगा। इसमें बिल्डिंग इंफॉर्मेशन सिस्टम, भौगोलिक सूचना प्रणाली, इंटरनेट ऑफ थिंग (IoT), ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर, पर्यवेक्षक नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण, भवन प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) से ही डेटा प्राप्त करने के लिए डिजाइन कर रहा है। जिससे बाद में अलग से डेटा फीड करने का कार्य न करना पड़े। आईड्रीम एनसीआरटीसी को डेटा के संकलन के साथ-साथ हर एसेट की संपूर्ण जीवनचक्र की गणना कर उसके अधिकतम उपयोग की सीमा तय करेगा। नई व्यवस्था के लिए टेंडर जारी कर दिया है।
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इसलिए जरूरी है सिस्टम
रैपिड रेल में कई उप-प्रणालियां और संसाधन आपस में सिंक्रनाइजेशन में हैं। जिससे एक सिस्टम का प्रदर्शन दूसरे सिस्टम को प्रभावित करता है, यानी एक सिस्टम में खराबी दूसरे एसेट की कंडीशन और वर्किंग से संबंधित है। ऐसे में समय पर एक सिस्टम की खराबी का पता चल जाना जरूरी हो जाता है, ताकि उसे उसी समय ठीक किया जा सके और उसे दूसरे सिस्टम में जाने से रोका जा सके।
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