दिलचस्प रिपोर्ट: VIP नंबर लेने की ऐसी होड़, विभाग ने कमा लिए करोड़ों रुपये, इन नंबरों की सबसे ज्यादा डिमांड
Amar Ujala Special Report : शौक बड़ी चीज है। जब बात शौक की हो तो लोग कुछ नहीं देखते हैं।फिर चाहे शौक में हजारों क्या लाखों भी खर्च हो जाए। ऐसे शौक के लिए मेरठ के लोगों ने भी बड़ा दिल किया है। मेरठ के लोगों में गाड़ी के VIP नंबर लेने की ऐसी होड़ मची है कि वे मोटी-मोटी बोली भी लगा रहे हैं। वहीं, इसी के चलते विभाग ने पिछले नौ महीनों में करोड़ों रुपयों की कमाई कर ली है।
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वीआईपी गाड़ी नंबर 0001 मेरठ के लोगों की पहली पसंद बना है। पिछले नौ माह में इस नंबर के लिए मेरठ से 292 लोगों ने बोली लगाई। अलग-अलग सीरीज के लिए लगाई गई बोली अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक पहुंची। ये नंबर जारी कर संभागीय परिवहन विभाग ने 48,07,165 रुपये की कमाई की है।
इसके अलावा 3716 लोगों ने निर्धारित फीस जमा कर अन्य मनपसंद गाड़ी नंबर भी हासिल किए हैं। इससे से भी विभाग को 2,60,39,000 रुपये मिले हैं। कुल मिलाकर विभाग ने वीआईपी नंबर जारी कर पिछले नौ माह में तीन करोड़, आठ लाख, 46 हजार 165 रुपये पहुंच कमाए हैं।
सरकार ने 0001 से 0009 नंबर तक वीआईपी नंबरों की सीरीज जारी की है। नंबर हासिल करने के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। 0001 से 0009 तक मन पसंद नंबर की सीरीज का चयन करके एक लाख से ऊपर पहली बोली कम से कम 500 रुपये बढ़ाकर लगानी होगी। अगर कम्पटीशन होता है तो बोली किसी भी कीमत तक पहुंच सकती है।
वाहन नंबर की नई सीरीज शुरू होने पर पहले चार दिन वीआईपी नंबर के लिए आवेदन के लिए पोर्टल खोला जाता है। इसके उपरांत तीन दिन तक बोली लगाई जाती है। जिस गाड़ी नंबर पर एक से ज्यादा वाहन स्वामी बोली में शामिल होते हैं ऐसे नंबर के लिए फिर से आवेदन और बोली की प्रक्रिया शुरू होती है।
आरटीओ हिमेश तिवारी ने बताया कि वाहनों के वीआईपी और मनपसंद नंबर दिए जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए फीस भी निर्धारित है। वीआईपी नंबर के लिए जरूर ऑनलाइन बोली लगानी पड़ती है। सबसे अधिक क्रेज 0001 नंबर का है। 786 नंबर लेने वालों की संख्या पांच साल में काफी कम हुई है।
इन वीआईपी नंबर के लिए लगती है बोली
गाड़ी नंबर निर्धारित फीस बोली की शुरुआत
0001 से 0009 तक एक लाख 500 रुपये बढ़ाकर
मनपसंद नंबर के लिए निर्धारित है फीस
वाहन नंबरों की सीरीज से मनपसंद नंबर लेने के लिए सरकार ने दो पहिया के लिए एक हजार रुपये और चौपहिया के लिए 5000 रुपये फीस निर्धारित की है। अगर कोई व्यक्ति मनपसंद नंबर लेता है तो उसको ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद ही उसको मन पसंद नंबर आवंटित होता है।
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पुराने वाहन नंबर भी ले सकते हैं लोग
अगर आपके पास पुराना डीजल या पेट्रोल चौपहिया वाहन है और उसकी उम्र खत्म नहीं हुई है तो आप अपने पुराने वाहन के पसंदीदा नंबर को भी नए वाहन के लिए जारी करा सकते हैं। इसके लिए चौपहिया वाहन के नंबर की 20 हजार और दो पहिया वाहन नंबर के लिए चार हजार रुपये फीस अदा करनी होगी।
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