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किस्तों में भुगतान कर रही किनौनी मिल
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 09 Feb 2016 02:27 AM IST
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किनौनी शुगर मिल ने पखवाड़ा गुजरने के बाद भी शुगर डायवर्जन का पैसा नहीं दिया है। मिल प्रबंधन बिना पैसा दिए ही चीनी के गोदाम का ताला खुलवाने के लिए जिला प्रशासन और गन्ना विभाग पर दबाव बना रहा है। रालोद ने उपचुनाव के बाद इसके खिलाफ आंदोलन करने का एलान कर दिया है।
किनौनी शुगर मिल ने पखवाड़ा पूर्व 72 करोड़ रुपये की चीनी का डायवर्जन कर दिया था। इसमें से 52 करोड़ रुपये किसानों के खातेे में जाने थे, जो मिल ने जमा नहीं किए थे। मामला पकड़ा जाने पर गन्ना विभाग ने कार्रवाई करते हुए चीनी के गोदामों को सील कर दिया था।
डीएम पंकज यादव ने एफआईआर की अनुमति नहीं देते हुए मिल प्रबंधन को पूरा पैसा एक सप्ताह के अंदर जमा करने का समय दिया था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 52 करोड़ रुपये में से करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। रालोद के वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि विधानसभा उप चुनाव के बाद मामले को गरमाया जाएगा।
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खेतोें में न जलाएं सूखी पत्ती
खेतों में पराली जलाने पर सख्त हुए एनजीटी के आदेश के बाद गन्ना विभाग भी अलर्ट हो गया है। विभाग ने किसानों से गन्ने की सूखी पत्ती खेत में न जलाने की अपील की है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि एनजीटी पर्यावरण को लेकर सख्त कदम उठा रहा है।
एनजीटी ने पिछले दिनों खेत में पराली जलाने से मना किया था। इसके लिए दंड और जुर्माना भी तय किया गया है। गन्ना किसान भी फसल कटने के बाद बची हुई सूखी पत्ती को खेत में ही जला देते हैं।
इससे पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचता ही है, मिट्टी की उपजाऊ परत को भी नुकसान होता है। विभागीय कर्मचारियों को किसानों से बात करने के लिए कहा गया है। कर्मचारी किसानों से पत्ती को खेत में नहीं जलाने की अपील करेंगे।
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किनौनी शुगर मिल ने पखवाड़ा पूर्व 72 करोड़ रुपये की चीनी का डायवर्जन कर दिया था। इसमें से 52 करोड़ रुपये किसानों के खातेे में जाने थे, जो मिल ने जमा नहीं किए थे। मामला पकड़ा जाने पर गन्ना विभाग ने कार्रवाई करते हुए चीनी के गोदामों को सील कर दिया था।
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डीएम पंकज यादव ने एफआईआर की अनुमति नहीं देते हुए मिल प्रबंधन को पूरा पैसा एक सप्ताह के अंदर जमा करने का समय दिया था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 52 करोड़ रुपये में से करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। रालोद के वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि विधानसभा उप चुनाव के बाद मामले को गरमाया जाएगा।
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खेतोें में न जलाएं सूखी पत्ती
खेतों में पराली जलाने पर सख्त हुए एनजीटी के आदेश के बाद गन्ना विभाग भी अलर्ट हो गया है। विभाग ने किसानों से गन्ने की सूखी पत्ती खेत में न जलाने की अपील की है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि एनजीटी पर्यावरण को लेकर सख्त कदम उठा रहा है।
एनजीटी ने पिछले दिनों खेत में पराली जलाने से मना किया था। इसके लिए दंड और जुर्माना भी तय किया गया है। गन्ना किसान भी फसल कटने के बाद बची हुई सूखी पत्ती को खेत में ही जला देते हैं।
इससे पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचता ही है, मिट्टी की उपजाऊ परत को भी नुकसान होता है। विभागीय कर्मचारियों को किसानों से बात करने के लिए कहा गया है। कर्मचारी किसानों से पत्ती को खेत में नहीं जलाने की अपील करेंगे।